*पंचायत सचिव को बचा रहा जिला प्रशासन, घोटाले व वित्तीय अनियमितता को मिल रहा संरक्षण : शकील अख्तर*
उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं, 10 वर्षों के कार्यकाल की एसीबी जांच की मांग
लोहरदगा, भारतीय सूचना अधिकार रक्षा मंच के जिला अध्यक्ष शकील अख्तर ने शनिवार को शहर के होटल केतकी पैलेस में आयोजित प्रेस वार्ता में पंचायत सचिव विश्वनाथ प्रजापति पर गंभीर भ्रष्टाचार, गबन एवं वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोपित पंचायत सचिव को संरक्षण देने का भी गंभीर आरोप लगाया।
शकील अख्तर ने बताया कि पंचायत सचिव विश्वनाथ प्रजापति के विरुद्ध थाना सेंहा में कांड संख्या 85/2024 (दिनांक 17.09.2024) दर्ज है, जिसमें ₹1,46,860 के गबन का स्पष्ट आरोप है। यह प्राथमिकी तत्कालीन सेन्हा प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद अब तक न तो गबन की राशि की समय पर वसूली की गई और न ही कोई ठोस विभागीय कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि इस मामले में आरोपी पंचायत सचिव ने सिविल कोर्ट एवं झारखंड उच्च न्यायालय का रुख किया था। झारखंड उच्च न्यायालय, रांची ने 27 जून 2025 को एबीएन संख्या 1337/2025 में स्पष्ट आदेश दिया था कि जब तक गबन की राशि एवं जुर्माना जमा नहीं किया जाता, तब तक किसी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाएगा। न्यायमूर्ति अनिल कुमार चौधरी के आदेश के बाद आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से गबन स्वीकार करते हुए राशि व जुर्माना जमा किया। इसके पश्चात 8 जुलाई 2025 को न्यायमूर्ति आनंद सेन ने भी पूर्व आदेश को प्रभावी बनाए रखा।
शकील अख्तर ने आरोप लगाया कि न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद जिला प्रशासन ने न केवल आरोपी को सेवा से बर्खास्त किया, बल्कि बार-बार ऐसे प्रखंडों में पदस्थापित किया, जहां 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की बड़ी राशि उपलब्ध रहती है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान में किस्को प्रखंड में तीन पंचायतों का प्रभार मिलने के बाद भी पंचायत सचिव द्वारा लगातार घोटाले, वित्तीय अनियमितता एवं रिश्वतखोरी की जा रही है। सीधे वेंडरों को भुगतान कर कमीशन लेने, बिना रॉयल्टी कटौती के भुगतान करने तथा रिश्वत की राशि स्वयं एवं परिजनों के बैंक खातों में मंगाने के आरोप लगाए गए।
शकील अख्तर ने दावा किया कि स्वयं उनके साथ भी पंचायत सचिव द्वारा धोखाधड़ी की गई। गाड़ी खरीदने एवं वेतन निकासी के नाम पर ₹1,90,000 उनके एवं उनके परिजनों के खातों में लिए गए, लेकिन राशि वापस मांगने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। इस संबंध में उन्होंने 4 दिसंबर 2025 एवं 8 दिसंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक लोहरदगा को लिखित आवेदन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
उन्होंने मांग की कि पंचायत सचिव विश्वनाथ प्रजापति के पूरे 10 वर्षों के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, 14वें एवं 15वें वित्त आयोग की सभी योजनाओं का विशेष ऑडिट हो, सभी वाउचर, बिल, मास्टर रोल, वेंडर खातों तथा स्वयं एवं रिश्तेदारों के बैंक खातों की एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जांच कराई जाए। साथ ही सरकारी अभिलेख घर पर रखने की भी जांच कर तत्काल निलंबन एवं बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाए।
शकील अख्तर ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे इस पूरे मामले को लेकर पुनः उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
प्रेस वार्ता में जिला संरक्षक प्रदीप राणा, जिला उपाध्यक्ष सुनील राम, उपेंद्र यादव, जिला सचिव संजय विश्वकर्मा एवं जिला कार्यकारिणी सदस्य जावेद खान उपस्थित थे।




















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