गिद्धौर(चतरा)। गिद्धौर प्रखंड में इन दिनों शिक्षा विभाग की घोर अनीयता एवं लापरवाही देखने और सुनने को मिल रहा है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात किया जाए तो साफ शब्दों में अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, की विद्यालय का मालिक विद्यालय प्रधानाध्यापक होते हैं। बताते चलें कि प्रखंड में सरकारी विद्यालय की संख्या लगभग 59 है। जितने भी मध्य विद्यालय हैं, उन सभी में मध्याह्न भोजन में घोर लापरवाही बरती जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य है शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को चुप रहना। राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरियातू में शुक्रवार को मध्याह्न भोजन में मेनू के अनुसार बच्चों को दाल-भात और अंडा देना है। जबकि विद्यालय के बच्चों ने बताया की इस विद्यालय में अंडा कभी नहीं मिलता है। केला और सेव ही बच्चों को दिया जाता है। वो भी आगे आओ आगे पाव में, जो बच्चे छूट जाते हैं, उन्हें फल भी नदारत हो जाता है। इतना ही नहीं शिक्षक का कहना है कि इस विद्यालय में अंडा कभी मिलेगा ही नहीं, यह बात स्कूल में उपस्थित बच्चों ने कहा है। इस विषय में प्रधानाध्यापक गेंदेश्वर उरांव कहते हैं कि विद्यालय में सब कुछ देखने योग्य है। देंख सकते हैं। जबकी विभागीय लापरवाही के कारण इस तरह प्रखंड के कई विद्यालय हैं, जिनमें मध्याह्न भोजन में घोर लापरवाही बरती जा रही है।