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सिमरिया (चतरा)। सिमरिया प्रखंड के इचाक खुर्द के ग्रामीण गैरमजरूआ जमीन और उसपर बने संरचना के मुआवजा की मांग को लेकर निर्माण कार्य रोक पिछले डेढ वर्ष से धरना पर बैठे हैं। इस मामले में सिमरिया अंचल के पत्रांक 681 दिनांक 14 नवंबर 23 को इचाक खुर्द के 55 रैयतो को रैयती मान्यता के लिए एसडीओ कार्यालय में भेजा गया था। मामले को एसडीओ सन्नी राज ने गंभीरता से लेते हुए तत्काल 11 मूल रैयत को 30 वर्ष से दखल कब्जा के अधार पर रैयती मान्यता के लिए अपर समाहर्ता के पास भेजा गया है। इस दौरान रेल निर्माण कार्य को आगे बढाने और रैयतो को समुचित लाभ मिले इसके लिए शनिवार को अपर समाहर्ता अरविंद कुमार की उपस्थिति में एक त्रिपक्षीय वार्ता की गई। बैठक में रैयतो की बात को गंभीरता से लेते हुए वैध दस्तावेज रहने पर हर संभव प्रशासनिक सहयोग करने की बात कही गई। उन्होने 44 भू रैयत जिनका रेकर्ड वापस किया गया है, उन्हे भी अपना पक्ष सिमरिया सीओ गौरव कुमार राय के पास रखने को कहा गया। रेलवे निर्माण के अधिकारियो को भी सभी रैयतो के संरचना की सर्वे 26 दिसम्बर से 30 दिसम्बर के बीच ग्राम कमिटी के साथ मिलकर करने का निर्देश दिया है। एसी अरविंद कुमार ने गैरमजरुआ खास जमीन पर निर्माणाधीन संरचना को आरएनआर के तहत 90 प्रतिशत तक भुगतान करवाने का आश्वासन दिया। वही भूअर्जन विभाग को सभी रैयती जमीन का मुआवजा 30 दिसम्बर तक भुगतान करने को कहा गया। नही करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई। एसडीओ श्री राज ने ग्रामीणो को तत्काल 5 जनवरी तक कार्य में किसी प्रकार के अवरोध करने को नही कहा। इस दौरान उन्होंने रैयतो को आश्वासन दिया की किसी भी रैयत के साथ ना इंसाफी नही होगा। स्वंय गांव में टीम के साथ पहुंच कर निरीक्षण करने की बात कही। बैठक में सीओ, संघर्ष समिति के गया नाथ पांडेय, अर्जुन कुमार, नरेश कुशवाह, नर्वदेश्वर सिंह, गेंदो राणा, मोती दांगी, गणेश दांगी, भू अर्जन के सीआई, अमीन दिलीप राम, विजय दांगी रेलवे विभाग के आरके सिंह सहित कई अधिकारी शामिल थे।



















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