झारखण्ड/गुमला -घाघरा प्रखंड के चुंदरी गांव में सरहुल पूर्व संध्या कार्यक्रम का आयोजन शनिवार को शाम चार बजे किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीआरपीएफ डीआईजी रविंद्र भगत,प्रोफेसर अवध मनी पाठक शामिल हुए।वही चुंदरी पंचायत के कई गांव से आए खोड़हा दल द्वारा नृत्य गीत प्रस्तुत किए गए।वही बच्चियों द्वारा गीत नृत्य किया गया। मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सीआरपीएफ डीआईजी रविंद्र भगत ने कहा कि सरहुल पर्व प्राकृतिक पर्व है। हमें अपने संस्कृति सभ्यता और परंपरा को संजोय के रखने की जरूरत है। पूर्वजों के धरोहर को आगे बढ़ाने की जरूरत है। आज के परिवेश में युवाओं का भटकाव नशापन किया और हो रहा है उससे बचने की जरूरत है। प्रोफेसर अवध मनी पाठक ने कहा कि प्राकृतिक पर्व सरहुल हमें प्राकृतिक के जल जंगल जमीन जीव जंतु से प्यार करना सिखाता है।हमें सबका संरक्षण करने की जरूरत है। इसके पूर्व अतिथियों को अंग वस्त्र और बैच बनाकर स्वागत किया गया। वही गांव से आए सभी खुदा दलों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर उपस्थित लोगों में पूर्व प्रमुख कृष्ण कुमार लोहरा, मुखिया विनीता कुमारी,अंगनि उराव, पूर्व मुखिया आदित्य भगत, उपमुखिया अजीत मनी पाठक,सुरेंद्र साहू,राम कुमार भगत,झरी उरांव, दिलबहार अंसारी,शहजाद खान,संजय ठाकुर,सौरव भगत,संदीप जैसवाल,कैलाश महतो,मुनेश्वर उरांव,सुरेंद्र यादव,अनुज महतो, संजेश उरांव सहित कई लोग उपस्थित थे।
*चुन्दरी गांव में सरहुल पूर्व संध्या महोत्सव का हुआ आयोजन,सीआरपीएफ डीआईजी हुए शामिल*
By Ajay Sharma
On: April 27, 2024 6:07 PM
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