न्यूज स्केल संवाददाता
टंडवा (चतरा)। पिछले 72 घंटे पूर्व जिले के टंडवा प्रखंड मुख्यालय स्थित एनटीपीसी पावर प्लांट के अंदर लगी आग भले ही ठंढा हो गया हो, पर लोगों में सवालों के सैंकड़ों आग सुलग रहे हैं। लोग जानना चाहते हैं कि हजारों करोड़ रुपए से बने पावर प्लांट व आसपास रहने वाले लोग कितने सुरक्षित हैं? वहीं प्रबंधन क्या केंद्रीय एजेंसियों से जांच करवाकर मामले से पर्दा उठाने का प्रयास करेगी। ऐसे कई चुभते सवाल जहां लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं, वहीं प्रबंधन की चुप्पी ने लोगों को सशंकित कर रखा है। सूत्रों की मानें तो कंपनी अब एक्स्टेंशन बढ़ाने के साथ हीं इंश्योरेंस कंपनी से करोड़ों की राशि पाने के लिये हर तरकीब अपनाएगी। जबकि लोगों के चुभने वाले सवालों से संबंधित जबाबदेह अधिकारी पत्रकारों से अबतक पूरी तरह से बचते रहे हैं। यही वजह है कि समाचार पत्रों की खबरों में समरुपता नहीं देखा जा रहा। जबकि ज्यों-ज्यों घटना का समय बीतता जा रहा त्यों-त्यों नुकसान का आकलन हजारों, लाखों और अब तो करोड़ों रुपए तक की होने लगी है। जानकारों की मानें तो बगैर निष्पक्ष केंद्रीय एजेंसियों से जांच हुवे घटना से पर्दा कभी भी उठ हीं नहीं सकता। लोगों का कहना है कि कंपनियों की मूल पेशेवर शैली लाभार्जन करने की होती है। लगभग 7200 करोड़ रुपए की ठेकेदारी कर रही भेल कंपनी अपने काम का एक्स्टेंशन प्राप्त कर करोड़ों रुपए की क्षतिपूर्ति लाभ इंश्योरेंस कंपनी से पाने के लिये हर संभावित तरीकों को अपनायेगी। बहरहाल पूरा मामला अब एनटीपीसी प्रबंधन के पाले में है, जो पूरे मामले से पर्दा उठाने हेतु निष्पक्ष जांच की मांग कर तमाम अटकलों व चर्चाओं पर विराम लगा सकती है।
हजारों करोड़ की लागत से बना एनटीपीसी का पावर प्लांट कितना सुरक्षित? एक्स्टेंशन व करोड़ों रुपए क्षतिपूर्ति दावा के लिए हादसे के पीछे कोई गहरी साजिश ?

By newsscale
On: April 23, 2024 9:08 PM
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