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दस साल पुराने जमीन नापी विवाद में फिर तेज हुई कार्रवाई की उम्मीद, सारठ अंचल पर आवेदक ने उठाए सवाल

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एसडीओ के नए निर्देश के बाद प्रदीप कुमार लाल को नापी का इंतजार, गलत जांच प्रतिवेदन भेजने का लगाया आरोप

संवाददाता: सुधांशु शेखर | न्यूज स्केल लाइव

सारठ (देवघर, झारखंड)। सारठ अंचल में जमीन की नापी से जुड़ा करीब दस वर्ष पुराना विवाद एक बार फिर चर्चा में है। राजस्व विविध वाद संख्या 07/2015-16, प्रदीप कुमार लाल बनाम बिरजू मंडल में नापी का आदेश जारी होने के बावजूद अब तक जमीन की नापी नहीं होने का आरोप आवेदक ने लगाया है। प्रदीप कुमार लाल का दावा है कि अंचल कार्यालय की ओर से वरीय अधिकारियों को भेजे गए जांच प्रतिवेदनों के कारण नापी की प्रक्रिया बाधित होती रही है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच कराकर जमीन की नापी कराने की मांग की है।

एसडीओ और उपायुक्त के आदेश के बाद भी नापी का इंतजार

आवेदक के अनुसार, मामले में अंचल अधिकारी द्वारा राजस्व उपनिरीक्षक, प्रभारी अंचल निरीक्षक और थाना के माध्यम से कई बार जांच कराई गई। इसके बाद नापी का आदेश जारी किया गया और अमीन शुल्क जमा कराकर नाजिर रसीद भी कटवाई गई। बावजूद इसके, जमीन की नापी नहीं हो सकी।

प्रदीप कुमार लाल ने बताया कि नापी नहीं होने पर उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर से शिकायत की। इसके बाद 19 मई 2025 को परिसीमन कराने का आदेश जारी किया गया। उनका आरोप है कि इसके बाद अंचल कार्यालय ने ऐसा जांच प्रतिवेदन भेजा, जिससे नापी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।

उपायुक्त के आदेश के बाद भी विवाद बरकरार

आवेदक के मुताबिक, उन्होंने मामले को लेकर देवघर के उपायुक्त से भी शिकायत की थी। उपायुक्त ने 2 जुलाई 2025 को सारठ अंचल अधिकारी को नापी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उनका आरोप है कि इस आदेश के बाद भी अंचल कार्यालय ने जांच प्रतिवेदन भेजकर नापी की प्रक्रिया को प्रभावित किया।

प्रदीप कुमार लाल ने जांच प्रतिवेदनों पर आपत्ति जताते हुए उपायुक्त को लिखित आवेदन भी दिया। उनका कहना है कि मामले में उनके दावे से संबंधित दस्तावेज जमा किए गए, लेकिन विपक्ष की ओर से प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच किए बिना प्रतिवेदन तैयार किए जाने की आशंका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच में तीसरे रैयत को शामिल कर मामले के मूल विवाद से अलग तथ्य प्रस्तुत किए गए।

एसडीओ के पत्र से फिर जगी उम्मीद

आवेदक के अनुसार, उपायुक्त के जनता दरबार में दोबारा आवेदन दिए जाने के बाद मधुपुर के अनुमंडल पदाधिकारी ने सारठ अंचल को पत्रांक 390, दिनांक 6 अक्टूबर 2026 के माध्यम से निर्देश जारी किया है। इसमें जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम, मधुपुर की अदालत में सिविल अपील संख्या 68/2024 में पारित आदेश के आलोक में स्थलीय और अभिलेखीय जांच करते हुए नापी का आदेश निर्गत किए जाने की बात कही गई है।

इस निर्देश के बाद अब आवेदक की नजर सारठ अंचल कार्यालय की अगली कार्रवाई पर टिकी है। वह जानना चाहते हैं कि जमीन की वास्तविक स्थिति और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर नापी कराई जाएगी या मामला फिर किसी नए जांच प्रतिवेदन के कारण लंबित रह जाएगा।

पुराने न्यायिक और राजस्व दस्तावेजों का हवाला

प्रदीप कुमार लाल ने अपने दावे के समर्थन में विभिन्न न्यायालयों और राजस्व कार्यालयों के आदेशों, लगान रसीदों तथा जांच प्रतिवेदनों का उल्लेख किया है। इनमें सिविल जज सीनियर डिवीजन-1 की अदालत में मूल वाद संख्या 294/2022 में 8 अप्रैल 2024 को पारित आदेश, जिला जज की अदालत में सिविल अपील संख्या 68/2024 में 21 जनवरी 2025 का आदेश और पूर्व के राजस्व वादों से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।

उन्होंने 2016 और 2025 में जारी नापी संबंधी पत्रों तथा जमा किए गए अमीन शुल्क की नाजिर रसीद का भी हवाला दिया है। आवेदक का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से लगान का भुगतान किया है और इससे संबंधित रसीदें भी उपलब्ध हैं।

सूचना नहीं मिलने की भी शिकायत

आवेदक ने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय से नापी आदेश और उसके बाद की गई कार्रवाई से संबंधित अभिलेखों की प्रतियां मांगने के बावजूद उन्हें अपेक्षित जानकारी नहीं मिली। उन्होंने जनसूचना के माध्यम से जानकारी मांगने के बाद भी सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने की शिकायत की है।

प्रदीप कुमार लाल का कहना है कि वह अपने दावे से संबंधित दस्तावेज अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर चुके हैं। इसके बावजूद नापी नहीं होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने और नियमानुसार जमीन की नापी सुनिश्चित करने की मांग की है।

फिलहाल, इस मामले में आवेदक द्वारा लगाए गए आरोपों और अंचल कार्यालय की कार्रवाई से संबंधित स्वतंत्र आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। इसलिए जांच प्रतिवेदनों में गड़बड़ी या किसी पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाने के आरोपों की पुष्टि स्वतंत्र जांच के बाद ही हो सकेगी।

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