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वोट चोरी के आरोप पर दिल्ली में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, चुनाव आयोग की ओर मार्च कर रहे राहुल गांधी समेत कई नेता हिरासत में

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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग पर संसद से निकला विपक्षी सांसदों का मार्च, आकाशवाणी परिसर के पास रोके जाने पर धरना; रात करीब 8 बजे पुलिस ने खाली कराया परिसर

नई दिल्ली। कथित “वोट चोरी” के आरोपों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को इंडिया ब्लॉक ने राजधानी में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में दोनों सदनों के विपक्षी सांसद सड़क पर उतरे। देर शाम पुलिस ने राहुल गांधी समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।

संसद के मकर द्वार से शुरू हुआ मार्च

विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार से मार्च शुरू किया। उनके हाथों में तख्तियां और बैनर थे, जिन पर भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लिखे थे। सांसदों ने चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन आकाशवाणी भवन के सामने सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।

मार्च में कांग्रेस के सांसदों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ समाजवादी पार्टी, राजद, राकांपा (एसपी), शिवसेना (यूबीटी) और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के सांसद भी शामिल हुए।

बैरिकेड पर चढ़े नेता, कई हिरासत में

पुलिस ने बताया कि कुछ कार्यकर्ताओं, नेताओं और सांसदों के बैरिकेड पर चढ़ने की कोशिश करने पर उन्हें हिरासत में लिया गया। राहुल गांधी ने राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए पुलिस बैरिकेड पार किया। इसके बाद वे प्रियंका गांधी वाड्रा, पवन खेड़ा, केसी वेणुगोपाल, चरणजीत सिंह चन्नी और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ आकाशवाणी परिसर में धरने पर बैठ गए।

इस धरने के कारण दिनभर आकाशवाणी भवन के सामने हंगामे की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर अलग-अलग बसों से रवाना किया। रात करीब 8 बजे पुलिस ने राहुल गांधी और अन्य नेताओं को भी हिरासत में लेकर बस से रवाना किया और परिसर खाली करा लिया।

“हम सिर्फ चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते हैं”: राहुल

विपक्ष का कहना है कि वह चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करना चाहता था, लेकिन उसे अनुमति नहीं दी गई। विपक्षी नेताओं ने इसे सांसदों का अपमान बताया।

राहुल गांधी ने शाम को मीडिया से कहा कि करीब 300 विपक्षी सांसद आयोग से मिलना चाहते हैं और सांसद देश की आवाज हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव आयुक्त मिलने से क्यों कतरा रहे हैं। धरने की स्थिति पर उन्होंने कहा कि उन्हें वहां बैठने में कोई परेशानी नहीं है और जब तक जरूरत होगी, वे डटे रहेंगे। सरकार को दिक्कत हो तो वह प्रदर्शन के लिए कोई और जगह बता दे।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए पिछले चुनावों में “वोट चोरी” का आरोप लगाया। उन्होंने इसे देश के साथ गंभीर विश्वासघात बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी।

खरगे का हमला

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा कि जिन लोगों ने ज्ञानेश कुमार को कथित रूप से “वोट चोरी” का रास्ता दिखाया, उनके खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों को लग रहा है कि उनके वोट छीने जा रहे हैं और उनकी आजादी खतरे में है। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिस संविधान को गांधी, नेहरू और आंबेडकर जैसे नेताओं ने गढ़ा, सरकार उसे कमजोर करने पर तुली है।

बाद में खरगे ने एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि चुनाव आयोग से मिलने की इजाजत न मिलने के कारण राहुल गांधी विपक्षी सांसदों के साथ धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

कार्ति चिदंबरम ने मांगा सीईसी का इस्तीफा

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर एकतरफा फैसले लेने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में आयोग का पूरा आचरण संदिग्ध हो गया है, जिससे मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। उन्होंने कहा कि आयोग में तीन आयुक्त होते हैं और फैसले सर्वसम्मति या बहुमत से होने चाहिए, जबकि मौजूदा हालात में ऐसा नहीं दिखता।

चिदंबरम ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की पूरी प्रक्रिया, फॉर्म 6 के नए स्वरूप और फॉर्म 7 के कथित दुरुपयोग को गंभीर मुद्दे बताया।

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