जल सुरक्षा को सबसे ज्यादा तरजीह, गांवों में बुनियादी ढांचे, आजीविका और आपदा से निपटने की तैयारी पर जोर; केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
नई दिल्ली। ग्रामीण रोजगार और गांवों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों का दायरा और बढ़ गया है। वीबीजी रामजी के तहत अब 375 तरह के काम कराए जा सकेंगे, जबकि पहले मनरेगा के तहत 266 तरह के कार्य सूचीबद्ध थे। नई कार्य-सूची में करीब 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसे लेकर अधिसूचना जारी कर दी है।
नई सूची में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ गांवों में जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास, आजीविका से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और आपदा से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

चार श्रेणियों में बंटे 375 कार्य
- जल सुरक्षा: 128 कार्य
- मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचा: 111 कार्य
- आजीविका से जुड़ा बुनियादी ढांचा: 98 कार्य
- आपदा तैयारी: 38 कार्य
जल सुरक्षा को सबसे अधिक महत्व
सूची में जल सुरक्षा को सबसे ज्यादा अहमियत दी गई है। इसके तहत चेक डैम, भूमिगत बांध, रिचार्ज शॉक पिट, सिंचाई कूप और छोटी नदियों व नालों के पुनरुद्धार जैसे कार्य कराए जा सकेंगे। जलभराव वाली जमीन का सुधार और खेतों में जल-वितरण चैनलों का जीर्णोद्धार भी इसमें शामिल है।

इसके अलावा ड्रिप सिंचाई, फव्वारा सिंचाई और छतों पर वर्षा जल संचयन जैसे काम भी कराए जा सकेंगे। बर्फ-स्तूप और कृत्रिम हिमनद जैसे जल संरक्षण के उपायों को भी कार्य-सूची में जगह मिली है।
गांवों में बनेंगे पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र और सौर स्ट्रीट लाइट
मुख्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे के तहत गांवों में पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, सौर स्ट्रीट लाइट, अपशिष्ट से संपदा बनाने वाले रीसाइक्लिंग संयंत्र, ग्रे-वॉटर उपचार इकाइयां और कचरा पृथक्करण शेड जैसे कार्य शामिल किए गए हैं।
साथ ही पशु चिकित्सा एवं ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, प्रयोगशाला, ग्रामीण पार्क, पैदल पथ और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े ढांचे का विकास भी कराया जा सकेगा।
खेती और प्रसंस्करण से जुड़े कार्यों पर जोर
आजीविका से जुड़े बुनियादी ढांचे में खेती और कृषि प्रसंस्करण से संबंधित कई कार्य रखे गए हैं। इनमें ग्रेडिंग-पैकेजिंग यूनिट, कोल्ड स्टोरेज, मिनी आटा मिल, कृषि बाजार परिसर, डेयरी, मशरूम शेड, रेशम उत्पादन, पॉली-हाउस और जलीय कृषि से जुड़े काम शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के साथ कृषि आधारित गतिविधियों के लिए जरूरी ढांचा खड़ा करने पर जोर रहेगा।

बाढ़, सूखा और जंगल की आग से बचाव की तैयारी
आपदा तैयारी की श्रेणी में बाढ़, सूखा और जंगल की आग से बचाव से जुड़े कार्य रखे गए हैं। चार मौसम के लिए अलग-अलग तरह के कार्यों का प्रावधान किया गया है, जिसे ग्रामीण स्तर पर आपदा से निपटने की तैयारी के लिहाज से अहम बदलाव माना जा रहा है।
इसके तहत बाढ़ राहत आश्रय, सुरक्षा दीवार, तटबंधों का सुदृढ़ीकरण और बाढ़ सुरक्षा के अन्य काम कराए जा सकेंगे। आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों और सामुदायिक परिसंपत्तियों की बहाली का भी प्रावधान है। जंगल की आग से बचाव के लिए फायर लाइन और ईंधन-बफर क्षेत्र बनाने जैसे कार्य भी सूची में शामिल किए गए हैं।
न्यूज स्केल लाइव – भरोसे की पहचान




















Total Users : 1218817
Total views : 3065699