Home बिहार झारखंड देश-विदेश मनोरंजन खेल क्राइम शिक्षा राजनीति हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल बदलाव, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ई-प्रिस्क्रिप्शन की पहल

---Advertisement---
WhatsApp Group Join Now

जसीडीह से शुरू हुई डिजिटल पर्ची व्यवस्था अब करौं और पालाजोरी तक पहुंची, 131 ओपीडी मरीजों की शत-प्रतिशत ई-पर्ची बनी

देवघर, संवाददाता। झारखंड के देवघर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। सिविल सर्जन, देवघर के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में ई-प्रिस्क्रिप्शन यानी डिजिटल पर्ची व्यवस्था लागू की जा रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों के पंजीकरण से लेकर चिकित्सकीय परामर्श और दवा संबंधी निर्देशों तक की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक बनाना है।

इस पहल को आगे बढ़ाने में जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन, सदर अस्पताल देवघर की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा, अनुमंडलीय अस्पताल मधुपुर तथा विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका बताई गई है। पूरे अभियान का समन्वय जिला कार्यक्रम समन्वयक सुधांशु रंजन द्वारा किया जा रहा है।

जसीडीह से शुरू होकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रही व्यवस्था

डिजिटल पर्ची व्यवस्था की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसीडीह से की गई, जहां इसके उपयोग का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया। इसके बाद व्यवस्था को करौं और पालाजोरी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तारित किया जा रहा है। इसके साथ ही मरीजों के लिए ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ प्रक्रिया को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

इसी क्रम में 18 सितंबर 2026 को जनरल मेडिसिन के चिकित्सक एवं जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन ने 131 ओपीडी मरीजों की शत-प्रतिशत ई-प्रिस्क्रिप्शन तैयार कर डिजिटल स्वास्थ्य सेवा के उपयोग का उदाहरण प्रस्तुत किया।

मरीजों को मिलेंगे कई फायदे

ई-प्रिस्क्रिप्शन व्यवस्था से मरीजों को पंजीकरण और चिकित्सकीय परामर्श की प्रक्रिया में सुविधा मिलने की उम्मीद है। क्यूआर कोड स्कैन के माध्यम से मरीज कम समय में पंजीकरण करा सकेंगे, जिससे पंजीकरण काउंटर पर लगने वाली कतार को कम करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल पर्ची होने से कागजी पर्ची के खोने या खराब होने की समस्या भी कम होगी। साथ ही, डिजिटल रूप से उपलब्ध स्वास्थ्य विवरण के कारण चिकित्सकों को मरीज की पूर्व चिकित्सा जानकारी तक पहुंचने में सुविधा मिल सकती है।

हाथ से लिखी पर्ची की तुलना में कंप्यूटर आधारित ई-प्रिस्क्रिप्शन में दवाओं के नाम और चिकित्सकीय निर्देश स्पष्ट एवं पठनीय रहने की संभावना है। इससे मरीज और दवा वितरण करने वाले कर्मियों के बीच भ्रम की स्थिति कम करने में मदद मिल सकती है।

डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में इसके विस्तार के साथ मरीजों के पंजीकरण और चिकित्सकीय सेवाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

देवघर में शुरू की गई यह पहल जिले के शहरी क्षेत्र के साथ-साथ ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों तक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि, व्यवस्था के प्रभाव का वास्तविक आकलन इसके लगातार और व्यापक उपयोग के बाद ही किया जा सकेगा।

न्यूज स्केल लाइव | भरोसे की पहचान

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment