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आंगनबाड़ी केंद्रों में एक माह से बंद है गर्म पका भोजन

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छह माह से सेविकाओं को मानदेय नहीं मिलने का दावा, पूर्व मुखिया ने केंद्रों का जायजा लेकर बच्चों के भोजन की व्यवस्था कराई

पत्थलगड़ा (चतरा)। चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत नावाडीह समेत विभिन्न पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाला गर्म पका पोषाहार भोजन बंद होने का मामला सामने आया है। भोजन बंद होने से गरीब परिवारों के छोटे बच्चों के साथ-साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार पर भी असर पड़ने की बात कही जा रही है।

जानकारी के अनुसार, नरवाडीह, मरंगा, काशीबार, बाजोबार तथा नावाडीह हरिजन टोला स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पोषाहार नहीं मिलने की सूचना पर सोमवार को नावाडीह के पूर्व मुखिया मेघन दांगी ने विभिन्न केंद्रों का भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों की स्थिति का जायजा लेते हुए तत्काल भोजन की व्यवस्था कराने का प्रयास किया।

छह माह से मानदेय नहीं मिलने का दावा

आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बताया कि उन्हें मिलने वाले मासिक मानदेय में भी परेशानी है। सेविकाओं का दावा है कि पिछले छह माह से मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जबकि करीब एक महीने से बच्चों को मिलने वाला गर्म पका भोजन भी बंद है। सेविकाओं का कहना है कि भोजन बंद होने के कारण बच्चे आंगनबाड़ी केंद्रों में आने से कतराने लगे हैं। इसका सीधा असर केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति पर पड़ रहा है।

जर्जर भवन में चल रहा आंगनबाड़ी केंद्र

मरंगा आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका बबीता देवी ने बताया कि केंद्र का भवन भी जर्जर स्थिति में है। बारिश के दौरान भवन की छत से पानी टपकता है, जिससे बच्चों को परेशानी होती है। वहीं, बाजोबार में आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन फिलहाल सरकारी विद्यालय के भवन में किया जा रहा है। सेविका ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन स्वीकृत हुए करीब पांच से छह वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है।

सेविकाओं ने उठाए सवाल

आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि यदि सरकार की ओर से बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था बंद कर दी जाएगी तो आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किस तरह किया जाएगा। भोजन नहीं मिलने से बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों में भी निराशा है और कई माता-पिता बच्चों को केंद्र भेजना बंद कर रहे हैं। ग्रामीणों और सेविकाओं ने संबंधित विभाग से बच्चों के लिए पोषाहार की नियमित व्यवस्था, लंबित मानदेय का भुगतान और जर्जर आंगनबाड़ी भवनों की मरम्मत अथवा नए भवन का निर्माण कराने की मांग की है।

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