पूर्व मंत्री बोले—जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन का आधार, शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार तक पहुंचे लाभ
कान्हाचट्टी (चतरा)। चतरा विधानसभा क्षेत्र के कान्हाचट्टी प्रखंड स्थित सयाल बगीचा में शनिवार को आदिवासी समाज की ओर से विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्य के पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित करने एवं बाबा दिशोम गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने सभी लोगों को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने सदियों से अपनी संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए संघर्ष किया है। आदिवासी समाज की पहचान उसकी विशिष्ट संस्कृति, परंपराओं और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव से है।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज के जीवन का आधार हैं। विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के संघर्ष, योगदान और अधिकारों को सम्मान देने का अवसर है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि समाज का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी जाहूर आलम, कान्हाचट्टी अंचल अधिकारी मनोज गोप, राजद जिलाध्यक्ष नवल किशोर यादव, राजद नेता भीम सिंह, प्रखंड अध्यक्ष शेरशाह, मुखिया विकास कुमार सिंह उर्फ छोटू सिंह, राकेश सिंह, योगेश यादव, सरना समिति अध्यक्ष सकेंद्र सिंह खेरवार, सचिव दिलीप उरांव, कान्हाचट्टी प्रमुख इंदु कुमारी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।






















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