₹226 की यूरिया ₹400 में, डीएपी ₹2000 से अधिक में बिक रही” – उच्चस्तरीय जांच की मांग
टंडवा (चतरा)। प्रखंड क्षेत्र में एक ओर मानसून की बेरुखी से किसान चिंतित हैं, वहीं दूसरी ओर खाद की कथित कालाबाजारी ने किसानों की परेशानी और बढ़ा दी है। शनिवार को सिमरिया विधानसभा के भाजपा विधायक कुमार उज्ज्वल दास ने खाद की जमकर हो रही कालाबाजारी को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
विधायक प्रतिनिधि गोविंद तिवारी ने बताया कि विधायक का आरोप है कि सरकार के संरक्षण में खाद की खुलेआम कालाबाजारी हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य 50 किलोग्राम यूरिया का ₹226 है, लेकिन किसानों को यह ₹400 तक में बेचा जा रहा है। इसी तरह डीएपी खाद, जिसका निर्धारित मूल्य ₹1,350 है, वह ₹2,000 से अधिक में खुलेआम बेची जा रही है।
विधायक ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों को पर्याप्त मात्रा में खाद का आवंटन नहीं किया जा रहा है, जिससे निजी विक्रेताओं को मनमाने दाम वसूलने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और किसानों के साथ अन्याय है।
श्री दास ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी अधिकारियों और खाद कारोबारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर समय पर खाद उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
मानसून की अनिश्चितता के बीच खाद की बढ़ती कीमतों और कथित कालाबाजारी से क्षेत्र के किसान काफी परेशान हैं। किसानों ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्धारित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
























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