ई-पॉस और आधार सत्यापन के बाद ही किसानों को मिलेगा उर्वरक, नियमित छापेमारी के निर्देश
गुमला, 11 जुलाई। उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में शनिवार को उर्वरक की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण, किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गठित जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रेताओं की दुकानों पर निर्धारित मूल्य सूची (रेट चार्ट), उर्वरक संबंधी आवश्यक सूचना तथा विक्रेता का वैध लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए, ताकि किसानों को सही जानकारी मिल सके और अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने उर्वरक की कालाबाजारी एवं अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से नियमित छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उर्वरक का वितरण केवल ई-पॉस मशीन के माध्यम से आधार प्रमाणीकरण के बाद ही किया जाएगा। बिना ई-पॉस मशीन और आधार सत्यापन के किसी भी परिस्थिति में उर्वरक वितरण नहीं किया जाएगा।
बैठक में अनुमंडल स्तर पर भी टास्क फोर्स की नियमित बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया गया, ताकि उर्वरक वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में अपर समाहर्ता राजीव नीरज, चैनपुर एसडीपीओ श्रुति अग्रवाल, सदर एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, डीएसपी (मुख्यालय), जिला कृषि पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।





















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