मुआवजे और कोल परिवहन बंद करने की मांग पर अड़े ग्रामीण, कई जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन को दिया समर्थन
सिमरिया (चतरा)। चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत देल्हो घाटी में सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव की मौत के बाद सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग पर बिराजपुर के समीप लगाया गया सड़क जाम 24 घंटे से जारी। प्रदर्शनकारी कोल वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने तथा मृतक जवान के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि हजारीबाग के केरेडारी कोल माइंस से कटकमसांडी रेलवे साइडिंग तक सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोड और तेज रफ्तार कोल वाहन चलते हैं, जिनके कारण लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ महीनों में कई लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इसी क्षेत्र में छह दिन पूर्व भी एक व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी।
जाम स्थल पर पूर्व मंत्री सत्यानंद भोगता, झामुमो नेता मनोज चंद्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रदेव गोप, राजद जिलाध्यक्ष, पूर्व जिला परिषद सदस्य अरुण यादव सहित कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और आंदोलनरत ग्रामीणों का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक इस मार्ग से कोल वाहनों का परिचालन बंद नहीं किया जाएगा और मृतक जवान के परिजनों को उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
घटना की सूचना पर प्रखंड विकास पदाधिकारी चंद्रदेव प्रसाद तथा थाना प्रभारी सूर्य प्रताप सिंह लगातार प्रदर्शनकारियों से वार्ता करते रहे, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका था। जाम के कारण सिमरिया-चतरा मुख्य मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
इधर, सड़क हादसे में दिवंगत सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण यादव का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव के समीप नदी घाट पर पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। छत्तीसगढ़ से पहुंची सीआरपीएफ बटालियन के जवानों ने अपने साथी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान पूरा वातावरण “लक्ष्मण यादव अमर रहें” के नारों से गूंज उठा।
गौरतलब है कि गुरुवार शाम देल्हो घाटी में एक अनियंत्रित हाईवा की चपेट में आने से लक्ष्मण यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए हजारीबाग सदर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने एनएच-522 को जाम कर दिया था।
जाम के बीच शुक्रवार को सीआरपीएफ की बटालियन सिमरिया पहुंची। प्रशासन द्वारा उचित प्रक्रिया और आवश्यक पहल का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद जवानों ने पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे और दिवंगत जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।





















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