चतरा। झारखंड राज्य खाद्य आयोग की प्रभारी अध्यक्ष सह सदस्या शबनम परवीन ने दो दिवसीय चतरा भ्रमण के दौरान राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं एवं संस्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने परिसदन (सर्किट हाउस) में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए लंबित शिकायतों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया।
भ्रमण के प्रथम दिन प्रभारी अध्यक्ष ने सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र (एमटीसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं का जायजा लेते हुए भोजन संबंधी मेन्यू स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने, लाभुकों को प्रोत्साहन राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने तथा केंद्र का नियमित निरीक्षण एवं प्रभावी अनुश्रवण करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री की आपूर्ति से संबंधित प्रतिवेदन भी उपलब्ध कराने को कहा।
दूसरे दिन उन्होंने प्रतापपुर प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत बच्चों को दिए जा रहे भोजन, निर्धारित मेन्यू, अंडा एवं फल वितरण तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकांश संस्थानों में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं, जबकि जहां सुधार की आवश्यकता थी वहां संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति, पोषण व्यवस्था एवं आधारभूत सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया गया। प्रभारी अध्यक्ष ने योजनाओं के प्रभावी संचालन और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर बल दिया। वहीं विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परिसदन में आयोजित समीक्षा बैठक में क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्राप्त बिंदुओं, प्रधानमंत्री पोषण योजना, आंगनबाड़ी केंद्रों, जन वितरण प्रणाली तथा आयोग में लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। प्रभारी अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को आयोग में लंबित शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करते हुए 15 दिनों के भीतर कृत कार्रवाई प्रतिवेदन आयोग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी पात्र लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। जिन पात्र व्यक्तियों के राशन कार्ड विभिन्न कारणों से निष्क्रिय अथवा विलोपित हो गए हैं, उनकी जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही अपात्र व्यक्तियों के नाम हटाकर पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर समाहर्ता सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी अरविंद कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह, जिला शिक्षा अधीक्षक रामजी कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अभिषेक पाण्डेय सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।





















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