गया-हावड़ा एक्सप्रेस में गुंडागर्दी: साहिबगंज की महिला सब इंस्पेक्टर पूजा कुमारी और उनके परिवार पर जानलेवा हमला; नवादा के पास विमलेश कुमार व साथियों पर प्राथमिकी दर्ज
भारतीय रेलवे की ट्रेनों में आरक्षित (रिजर्व) सीटों पर अवैध कब्जे और आम यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर विधिक सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार चलती ट्रेन में गुंडागर्दी का शिकार कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि झारखंड पुलिस के दो जांबाज सब इंस्पेक्टर (दारोगा) और उनका मासूम बच्चा बने हैं।
झारखंड-साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना में पदस्थापित महिला सब इंस्पेक्टर पूजा कुमारी, उनके पति हरिओम कुमार और उनके छोटे बच्चे के साथ गया-हावड़ा एक्सप्रेस में आरक्षित सीट खाली कराने को लेकर कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित रूप से बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस मामले में पीड़ित महिला दारोगा ने जीआरपी (GRP) में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद रेल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
ड्यूटी ज्वाइन करने बरहरवा लौट रहा था दरोगा परिवार, नवादा स्टेशन के पास हुआ विवाद
प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, महिला दारोगा पूजा कुमारी वर्तमान में साहिबगंज जिला अंतर्गत बरहरवा थाना में तैनात हैं। उन्हें 6 जुलाई 2026 को हर हाल में अपनी आधिकारिक ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। इसी सिलसिले में वह अपने पति हरिओम कुमार और छोटे बच्चे के साथ गया-हावड़ा एक्सप्रेस से वापस बरहरवा लौट रही थीं। उनके पति हरिओम कुमार भी झारखंड पुलिस की ‘स्पेशल ब्रांच’ (विशेष शाखा) में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। दरोगा परिवार के पास ट्रेन में यात्रा के लिए नियमानुसार वैध आरक्षित टिकट मौजूद था और वे अपनी आवंटित सीट पर बैठे हुए थे।
घटना के संबंध में बताया गया कि ट्रेन जैसे ही नवादा स्टेशन के समीप पहुंची, कुछ स्थानीय दबंग युवक जबरन उनकी आरक्षित सीट पर आकर बैठ गए। जब सब इंस्पेक्टर पूजा कुमारी और उनके पति हरिओम ने शालीनता से युवकों से सीट खाली करने का अनुरोध किया और अपना कन्फर्म टिकट दिखाया, तो युवक उग्र हो गए और गाली-गलौज व तू-तू-मै-मै शुरू कर दी। आरोप है कि विवाद बढ़ता देख मुख्य आरोपी ने फोन कर अपने अन्य साथियों को अगले स्टेशन पर बुला लिया और फिर पूरे दरोगा दंपती व उनके मासूम बच्चे पर टूट पड़े तथा बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी।
शुरुआत में टालमटोल करती रही रेलवे पुलिस, ‘परिचय’ देने के बाद एक्शन में आई जीआरपी
पीड़ित महिला दरोगा पूजा कुमारी ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटना की लाइव जानकारी तत्काल आरपीएफ (RPF) और जीआरपी को दी गई थी। लेकिन शुरुआत में मौके पर पहुंचे रेल पुलिसकर्मियों ने मामले को बेहद हल्के में लिया और विधिक कार्रवाई करने में टालमटोल व आनाकानी करते रहे।
पूजा कुमारी ने बताया कि जब स्थिति अनियंत्रित हो गई और उन्होंने व उनके पति ने अपना परिचय झारखंड पुलिस के सब इंस्पेक्टर के रूप में दिया, तब जाकर आरपीएफ और जीआरपी के आला अधिकारी पूरी तरह सक्रिय हुए और मामले में विधिक हस्तक्षेप किया।
गया-हावड़ा एक्सप्रेस दरोगा मारपीट कांड: एक नजर में
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│ मुख्य पीड़ित महिला दारोगा │ पूजा कुमारी (सब इंस्पेक्टर - SI, बरहरवा थाना, साहिबगंज)│
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│ पीड़ित पति (सह-अधिकारी) │ हरिओम कुमार (सब इंस्पेक्टर - SI, स्पेशल ब्रांच, JH) │
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│ मुख्य नामजद आरोपी │ विमलेश कुमार (निवासी: काशीचक क्षेत्र) │
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│ मुख्य घटना स्थल/ट्रेन │ गया-हावड़ा एक्सप्रेस, नवादा व काशीचक स्टेशन के बीच│
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│ हाई-वोल्टेज विरोध प्रदर्शन │ काशीचक स्टेशन पर 1 घंटे तक ट्रेन इंजन के आगे प्रदर्शन│
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│ वर्तमान विधिक स्थिति │ जीआरपी थाने में नामजद FIR दर्ज, CCTV फुटेज की जांच जारी│
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काशीचक स्टेशन पर इंजन के आगे खड़ी हुईं दरोगा, विमलेश कुमार पर नामजद FIR
रेलवे पुलिस की इस प्रारंभिक सुस्ती और दबंगों की करतूत से आक्रोशित महिला दरोगा पूजा कुमारी ने कड़ा प्रतिवाद दर्ज कराया। वे विरोध जताने के लिए काशीचक स्टेशन पर गया-हावड़ा एक्सप्रेस के इंजन के ठीक सामने ट्रैक पर खड़ी हो गईं। महिला पुलिस अधिकारी के इस हाई-वोल्टेज और विधिक विरोध के कारण गया-हावड़ा एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन करीब एक घंटे तक काशीचक स्टेशन पर ही खड़ी रही, जिससे यात्रियों में भी कौतूहल का माहौल बन गया। बाद में रेलवे पुलिस के वरीय अधिकारियों द्वारा त्वरित विधिक कार्रवाई और आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी का लिखित आश्वासन दिए जाने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया जा सका।
पूजा कुमारी ने ‘न्यूज स्केल लाइव’ को बताया कि स्थानीय स्तर पर छानबीन करने के बाद मुख्य आरोपी की पहचान विमलेश कुमार के रूप में हुई है, जो काशीचक क्षेत्र का ही रहने वाला है। विमलेश ने ही अपने अज्ञात गुर्गों के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने ट्रेन के अन्य सह-यात्रियों के बयान दर्ज करने के साथ ही स्टेशनों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। रेल पुलिस का दावा है कि आरोपी विमलेश कुमार और उसके फरार साथियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।























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