ग्रामीणों का आरोप- वर्षों से काबिज जमीन पर खेती के बावजूद मिल रहे मुकदमे, नहीं मिल रहा अधिकार
इटखोरी (चतरा): इटखोरी प्रखंड के राजबर गांव में शुक्रवार (4 जुलाई) को झारखंड ग्रामीण मजदूर सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड कमेटी के सदस्य बिरन भुइयां ने की। बैठक में भाकपा (माले) लिबरेशन के जिला कमेटी सदस्य एवं झारखंड राज्य आंदोलनकारी विजय गिरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने वन भूमि पर अपने अधिकारों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि वे वर्ष 2005 से पहले से जंगल की जमीन पर घर बनाकर रह रहे हैं तथा वर्षों से उसी जमीन पर खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें वनाधिकार पट्टा नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन पट्टा देने के बजाय वन विभाग के कर्मियों द्वारा उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं, जिससे वे लगातार मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी ग्रामीण एकजुट होकर ग्राम सभा का गठन करेंगे तथा अपने वनाधिकार और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से तेज करेंगे। वक्ताओं ने कहा कि संगठित होकर ही ग्रामीण अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं। बैठक में सकलदेव भुइयां, विराज भुइयां, प्रमोद कुमार, नरेश भुइयां, सुनीता देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।




















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