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झारखंड में प्रभावी होगी वी बी जी राम जी योजना: ग्रामीण परिवारों को 125 दिन और आदिम जनजातियों को मिलेगा कुल 175 दिनों का गारंटीकृत रोजगार

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कैबिनेट की मुहर के बाद ग्रामीण विकास विभाग 6 को जारी करेगा अधिसूचना, 60:40 के अनुपात में केंद्र व राज्य सरकारें वहन करेंगी खर्च

न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो

रांची। केंद्र सरकार द्वारा 1 जुलाई से देशव्यापी स्तर पर लागू की गई महत्वाकांक्षी ‘वी बी जी राम जी’ (VB-G RAM G) योजना अब झारखंड में भी पूरी तरह धरातल पर उतरने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हाल ही में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में इस पर सैद्धांतिक सहमति मिलने के बाद आगामी 6 जुलाई 2026 को राज्य सरकार द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी कर दी जाएगी।

अधिसूचना जारी होने के साथ ही पूरे राज्य में यह नई कल्याणकारी योजना प्रभावी हो जाएगी, जिसके तहत झारखंड के ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को एक नया आयाम मिलेगा। विभागीय सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग ने अधिसूचना जारी करने की सभी विधिक व प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं और संबंधित संचिका (फाइल) को अंतिम स्वीकृति के लिए आगे बढ़ा दिया है।

SNA प्रणाली से केंद्र देगा फंड, 60:40 के अनुपात में खर्च होगी बजटीय राशि

अधिकारियों से प्राप्त प्रामाणिक जानकारी के अनुसार, अधिसूचना जारी होते ही योजना के तहत राशि के आवंटन, संबंधित कोषागार (Treasury) से निकासी और विकास कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृति की विधिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भारत सरकार ने इस योजना के तहत धनराशि की निकासी के लिए एकल नोडल अभिकरण (SNA – Single Nodal Agency) प्रणाली को अनिवार्य किया है। यही कारण है कि राज्य सरकार की अधिसूचना जारी होने के तुरंत बाद केंद्र सरकार द्वारा झारखंड को इस मद की पहली किस्त जारी कर दी जाएगी।

इस नई योजना के वित्तीय ढांचे के तहत 60:40 के अनुपात में राशि खर्च करने का वैधानिक प्रावधान तय किया गया है। इसके अंतर्गत कुल बजटीय खर्च का 60 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार (केंद्र) वहन करेगी, जबकि शेष 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी झारखंड सरकार द्वारा दी जाएगी।

आदिम जनजातियों (PVTG) के लिए विशेष प्रावधान, मिलेगा 175 दिनों का रोजगार

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ झारखंड के ग्रामीण इलाकों और विशेष रूप से पिछड़े आदिवासी क्षेत्रों को मिलने जा रहा है:

  • सामान्य ग्रामीण परिवार: योजना के तहत सामान्य ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी।

  • विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG): झारखंड के आदिम जनजाति (PVTG) परिवारों के लिए योजना में विशेष संवेदनशीलता दिखाई गई है। इन्हें सामान्य कोटे के अतिरिक्त 50 दिनों के रोजगार का विशेष लाभ मिलेगा, जिससे इस अत्यंत पिछड़े वर्ग को एक वर्ष में कुल 175 दिनों का रोजगार सुनिश्चित कराया जा सकेगा।

               ‘वी बी जी राम जी’ योजना झारखंड: एक नजर में
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│ देशव्यापी शुरुआत/तिथियों      │ 1 जुलाई से लागू (झारखंड अधिसूचना- 6 जुलाई 2026)│
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│ वित्तीय बजटीय शेयरिंग         │ 60 : 40 (60% केंद्र सरकार : 40% राज्य सरकार) │
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│ सामान्य ग्रामीण रोजगार गारंटी  │ 125 कार्य दिवस (प्रति वित्तीय वर्ष)     │
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│ PVTG (आदिम जनजाति) कोटा     │ 125 दिन + 50 दिन अतिरिक्त = कुल 175 दिन   │
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│ फंड ट्रांसफर की तकनीकी विधा   │ एकल नोडल अभिकरण (SNA) डिजिटल प्रणाली   │
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ स्वीकृत ग्रामीण विकास कार्य    │ 320 प्रकार के विभिन्न आजीविका व बुनियादी कार्य│
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जल संरक्षण से लेकर पशुपालन तक, 320 प्रकार के कार्यों को मिली विधिक स्वीकृति

ग्रामीण क्षेत्रों के कायाकल्प के लिए इस योजना के अंतर्गत 320 प्रकार के अलग-अलग ग्रामीण व ढांचागत कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें मुख्य रूप से जल संरक्षण एवं संवर्धन, पारंपरिक तालाबों और आहर-पोखरों का निर्माण व जीर्णोद्धार, खेतों का समतलीकरण, मेड़बंदी, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, सुदूरवर्ती ग्रामीण संपर्क मार्ग (सड़कें), जल निकासी हेतु नाली निर्माण, वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting), उन्नत सिंचाई सुविधाओं का विकास, सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण, तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए पशुपालन एवं आजीविका से जुड़े विभिन्न कार्य शामिल हैं। योजना को धरातल पर सुचारु, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए झारखंड के सभी जिलों में प्रखंड व पंचायत स्तर के अधिकारियों और तकनीकी कर्मियों का विशेष प्रशिक्षण (Training) कार्यक्रम भी तेजी से चलाया जा रहा है।

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