शादी का दबाव बनाने पर बीसीए छात्र ने रची थी खौफनाक साजिश; रांची स्टेशन पर पानी बोतल के लिए किए UPI पेमेंट ने खोला राज
जमशेदपुर। हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या- 18602) में बीते दिनों अत्यंत गंभीर व लहूलुहान अवस्था में मिली एक तलाकशुदा महिला की मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में रेल पुलिस ने एक चौंकाने वाला और रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा किया है। प्रेम, विश्वासघात और बेरहमी से कत्ल की इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि मृतका का २० वर्षीय प्रेमी कुमार ऋषभ है, जो रांची के मारवाड़ी कॉलेज में बीसीए (BCA) का छात्र है।
शादी का दबाव बनाने पर अपनी प्रेमिका (27 वर्ष) को मौत के घाट उतारने वाला यह शातिर आरोपी सब कुछ बेहद शातिराना प्लानिंग के साथ कर रहा था। लेकिन रांची रेलवे स्टेशन पर ऑनलाइन (UPI) पेमेंट कर पानी की बोतल खरीदने की उसकी एक छोटी सी तकनीकी भूल ने पुलिस को उस तक पहुंचा दिया। टाटानगर रेल पुलिस व आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन रेल प्रहरी’ के तहत जाल बिछाकर उसे धर दबोचा है।
10 दिनों तक अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझती रही महिला, मौत के बाद बना ‘ब्लाइंड मर्डर’
घटनाक्रम के अनुसार, गत 6 जून को हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस जब टाटानगर स्टेशन पहुंची, तो एक बोगी में महिला यात्री लहूलुहान और अचेत अवस्था में मिली थी। अज्ञात हमलावर द्वारा महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की गई थी और उसके कान व सिर से भारी रक्तस्राव हो रहा था। जीआरपी ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे तत्काल जमशेदपुर के एमजीएम (MGM) अस्पताल में भर्ती कराया।
करीब 10 दिनों तक अस्पताल के वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझने के दौरान महिला न तो बयान देने की स्थिति में आ सकी और न ही कोई उसका सुराग लेने अस्पताल पहुंचा। अंततः 15 जून को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई, जिसके बाद मारपीट का यह सामान्य मामला एक पेचीदा ‘ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री’ में तब्दील हो गया और रेल पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया।
तलाकशुदा महिला को प्रेम जाल में फंसाया, शादी की बात पर चार्जर की तार से घोंटा गला
गहन विधिक जांच और तकनीकी इनपुट्स के बाद मृतका की पहचान रांची के बरियातू निवासी के रूप में हुई, जो तलाकशुदा थी। वहीं, गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिहार के पूर्वी चंपारण जिला अंतर्गत राजेपुर थाना क्षेत्र के कुमार ऋषभ (20 वर्ष) के रूप में की गई है। ऋषभ वर्तमान में रांची के प्रतिष्ठित मारवाड़ी कॉलेज से कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA) की पढ़ाई कर रहा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने पहले महिला को अपने प्रेम जाल में फंसाया और करीब एक महीने तक उसके साथ संबंध बनाए रखा। जब महिला ने उस पर सामाजिक व पारिवारिक रूप से शादी करने का कड़ा दबाव बनाना शुरू किया, तो ऋषभ ने अपना करियर बचाने के लिए उसे रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची और धोखे से ट्रेन में बैठा दिया। रात के वक्त जब ट्रेन टाटानगर स्टेशन के नजदीक पहुंच रही थी, तब आरोपी ने मोबाइल चार्जर के तार से उसका गला घोंटकर हत्या करने का प्रयास किया और उसे मृत समझकर बोगी में ही छोड़कर फरार हो गया।
टाटानगर एक्सप्रेस हत्याकांड का खुलासा: एक नजर में
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│ मुख्य आरोपी (गिरफ्तार) │ कुमार ऋषभ (उम्र 20 वर्ष, छात्र- मारवाड़ी कॉलेज, रांची)│
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│ मृतका (प्रेमिका) │ 27 वर्षीय तलाकशुदा महिला, निवासी- बरियातू, रांची │
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│ वारदात वाली ट्रेन │ हटिया-टाटानगर एक्सप्रेस (18602) │
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│ हत्या के प्रयास का माध्यम │ मोबाइल चार्जर का डेटा केबल/तार │
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│ सुराग मिलने का मुख्य टर्निंग पॉइंट│ रांची स्टेशन पर पानी की बोतल हेतु किया गया UPI ट्रांजेक्शन│
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│ पुलिसिया विशेष विंग │ टाटानगर रेल पुलिस, RPF एवं बिष्टुपुर साइबर थाना │
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एएसआइ बलबीर प्रसाद की टीम ने खंगाला CCTV, साइबर पुलिस की मदद से खुला राज
इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए आरपीएफ के एएसआइ बलबीर प्रसाद की टीम ने रांची से लेकर टाटानगर तक के सभी छोटे-बड़े स्टेशनों के सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले। रांची स्टेशन के फुटेज में महिला एक संदिग्ध युवक के साथ स्टेशन में प्रवेश करती दिखी। इसी दौरान वह युवक ट्रेन पकड़ने से ठीक पहले प्लेटफॉर्म के एक स्टॉल पर ऑनलाइन भुगतान (UPI) के जरिए पानी की बोतल खरीदता हुआ कैमरों में कैद हो गया।
पुलिस ने तुरंत उस वेंडर से डिजिटल भुगतान का यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी हासिल किया और बिष्टुपुर साइबर थाने की मदद से बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया। इससे पुलिस को आरोपी का प्राथमिक मोबाइल नंबर और उसकी पूरी गतिविधियों का सुराग मिल गया। इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और टावर लोकेशन से पुष्टि हो गई कि घटना के समय आरोपी उसी ट्रेन मार्ग पर मौजूद था। बैंक खातों और पैन/केवाईसी (KYC) दस्तावेजों की पड़ताल से आरोपी का नाम कुमार ऋषभ होना पूरी तरह स्पष्ट हो गया।
इस बीच, 30 जून को रांची के बरियातू थाने में महिला की गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था। टाटानगर रेल पुलिस ने जब रांची पुलिस से संपर्क कर मृतका की तस्वीर का मिलान कराया और संदेही ऋषभ को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस पेचीदा मामले के त्वरित निष्पादन में रेल पुलिस अधीक्षक और आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट के मार्गदर्शन में एएसआइ बलबीर प्रसाद, कांस्टेबल रवि कुमार, जीआरपी के एसआइ मनराज भूट कुमार और आरक्षी अभिमन्यु की भूमिका बेहद सराहनीय रही।
























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