नाली की गलत प्लानिंग से सड़क पर जलजमाव, घरों में घुस रहा गंदा पानी; कार्रवाई की मांग
पत्थलगड़ा (चतरा): सरकारें ग्रामीण विकास के बड़े-बड़े दावे करती हैं और सड़क निर्माण सहित आधारभूत सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन जब विकास कार्य बिना उचित योजना और तकनीकी मानकों के किए जाते हैं, तो वही सुविधाएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाती हैं। ऐसा ही मामला चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत नावाडीह-डमौल गांव से सामने आया है, जहां करीब छह माह पहले बनी सड़क अब ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से लगभग छह महीने पहले सड़क का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण कार्य में बरती गई कथित लापरवाही और गलत प्लानिंग के कारण सड़क पर लगातार जलजमाव हो रहा है। स्थिति यह है कि सड़क तालाब जैसी नजर आती है, जिससे राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक दिक्कत स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है। सड़क पर जमा गंदा पानी आसपास के घरों में भी प्रवेश कर रहा है, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जहां जल निकासी के लिए नाली बनाना अत्यंत आवश्यक था, वहां नाली का निर्माण ही नहीं किया गया। वहीं जिन स्थानों पर नाली की आवश्यकता नहीं थी, वहां सरकारी राशि खर्च कर नाली बना दी गई। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण आज पूरी सड़क जलजमाव की समस्या से जूझ रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से सड़क और जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने, सड़क एवं नाली का पुनर्निर्माण कराने तथा निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदक और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि इस मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि कब तक संज्ञान लेते हैं और नावाडीह-डमौल के ग्रामीणों को इस गंभीर समस्या से राहत दिलाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।






















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