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सीसीएल की पहल: विस्थापित परिवारों को मिलेगा स्वरोजगार का नया सहारा

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सीएसआर योजना के तहत 30 महिलाओं को पोल्ट्री फार्मिंग का मिलेगा छह माह का प्रशिक्षण

टंडवा (चतरा): सीसीएल की मगध-संघमित्रा परियोजना प्रबंधन द्वारा विस्थापित परिवारों को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को टंडवा प्रखंड के देवलगड़ा गांव में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों को पोल्ट्री फार्मिंग के माध्यम से रोजगार सृजन के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महाप्रबंधक चितरंजन कुमार, स्थानीय मुखिया सीता देवी, सीएसआर के नोडल अधिकारी दिग्विजय, प्रशिक्षण एवं क्रियान्वयन संस्था के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

परियोजना प्रबंधन ने बताया कि सामाजिक दायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत विशेष रूप से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रथम चरण में 30 महिलाओं का चयन कर उनका नामांकन किया गया है, जिन्हें पोल्ट्री फार्मिंग का छह माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के माध्यम से महिलाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार स्थापित करने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इस अवसर पर स्थानीय मुखिया सीता देवी ने परियोजना प्रबंधन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने का अवसर मिलेगा और उनके परिवारों की आजीविका में भी सुधार होगा।

प्रशिक्षण संस्था के सचिव पंकज कुमार ने प्रतिभागियों को पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ी बाजार व्यवस्था, विपणन और आय बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। वहीं प्रशिक्षक मुकेश कुमार, प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर शैफ अली एवं फील्ड सुपरवाइजर गुलाम हसन ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से अवगत कराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया और सीसीएल की इस पहल को विस्थापित परिवारों के लिए रोजगार एवं आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

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