‘फंड नहीं है’ के जवाब पर भड़के प्रमुख प्रतिनिधि, उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
कुंदा (चतरा): प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यालय परिसर में पेयजल की गंभीर समस्या ने आम लोगों के साथ-साथ सरकारी कर्मियों की भी परेशानी बढ़ा दी है। भीषण गर्मी के बीच पानी की एक-एक बूंद के लिए लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि जयराम भारती ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे गंभीर लापरवाही करार दिया है।
जयराम भारती ने बताया कि जब उन्होंने पेयजल समस्या के संबंध में प्रखंड कार्यालय के नाजिर से जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि “फिलहाल फंड उपलब्ध नहीं है।” इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालय सरकारी कार्यों का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन दूर-दराज के गांवों से सैकड़ों लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में कार्यालय परिसर में पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें गर्मी के बीच पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
प्रमुख प्रतिनिधि ने बताया कि कार्यालय परिसर में लगा चापाकल कई महीनों से खराब पड़ा है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि इससे कार्यालय की कार्यप्रणाली और प्रशासन की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने जिला उपायुक्त से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि खराब चापाकल की अविलंब मरम्मत कराई जाए तथा पेयजल व्यवस्था सुचारु करने के लिए आवश्यक फंड तत्काल उपलब्ध कराया जाए, ताकि प्रखंड कार्यालय आने वाले ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा मिल सके और उन्हें इस भीषण गर्मी में परेशानी का सामना न करना पड़े।




















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