अवैध कमाई के चक्कर में सदियों पुराने आपसी भाईचारे को निशाना बनाने की साजिश; दुआरी बाजार टांड़ में झड़प के बाद सड़क जाम से उठे सवाल
न्यूज स्केल, संवाददाता
गिद्धौर (चतरा)। चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र अंतर्गत दुआरी पंचायत में कोल डंपिंग के लिए नवनिर्मित रेलवे साइडिंग की शुरुआत इन दिनों स्थानीय चर्चाओं के साथ-साथ गंभीर विवादों के केंद्र में आ गई है। साइडिंग के चालू होने से जहाँ एक ओर क्षेत्र के शिक्षित, कुशल और बेरोजगार युवाओं के भीतर स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक प्रगति की एक नई उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी ओर इसमें होने वाली मोटी कमाई पर राजनीतिक आकाओं और कथित जनप्रतिनिधियों की कुदृष्टि लग गई है। सूत्रों की मानें तो कोयले के इस ‘काले खेल’ के चक्कर में पंचायत के सदियों पुराने सामाजिक ताने-बाने और आपसी भाईचारे को भी सोची-समझी साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
दुआरी बाजार टांड़ में हुआ था खूनी टकराव, प्रतिनिधियों ने किया था रोड जाम
विवाद की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते 27 जून 2026 की दोपहर को रेलवे साइडिंग से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित दुआरी बाजार टांड़ में रोजगार की मांग कर रहे स्थानीय युवाओं और कुछ रसूखदार प्रतिनिधियों के गुटों के बीच तीखी बहस के बाद हिंसक झड़प हो गई थी।
झड़प के बाद दबंग प्रतिनिधियों के गुट द्वारा मुख्य सड़क को घंटों जाम कर दिया गया, जिससे राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस सड़क जाम और टकराव ने पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय प्रबुद्ध ग्रामीणों का कहना है कि दुआरी पंचायत का दुआरी गांव इस क्षेत्र का सबसे बड़ा और सघन आबादी वाला गांव है, जहां आदि काल से सभी संप्रदाय और जातियों के लोग आपस में मिल-जुलकर सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहते आए हैं। लेकिन कोयले के इस अवैध सिंडिकेट और वर्चस्व की लड़ाई ने अब गांव की शांति को भंग कर दिया है।
दोनों गुटों ने गिद्धौर थाने में दिया आवेदन, पुलिस की खुफिया विंग अलर्ट
घटना के बाद क्षेत्र में पसरे तनाव को देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से गिद्धौर थाने में एक-दूसरे के खिलाफ नामजद लिखित आवेदन देकर विधिक जांच और कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गिद्धौर थाना पुलिस और जिला खुफिया विंग (Special Branch) पूरे घटनाक्रम की गहनतापूर्वक और तकनीकी इनपुट्स के आधार पर जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी परिस्थिति में क्षेत्र की कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। कानून को हाथ में लेने वाले और अवैध उगाही का प्रयास करने वाले सफेदपोश नेताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दुआरी कोल साइडिंग विवाद: एक नजर में
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│ मुख्य विवादित स्थल │ रेलवे साइडिंग व दुआरी बाजार टांड़, गिद्धौर │
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│ हिंसक झड़प की तिथि │ 27 जून 2026 (दोपहर) │
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│ टकराव का मुख्य कारण │ कोल डंपिंग में रोजगार बनाम नेताओं का वर्चस्व│
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│ वर्तमान प्रशासनिक स्थिति │ गिद्धौर थाने में दोनों पक्षों का लिखित शिकायत, जांच जारी│
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│ सामाजिक चिंता │ गांव के आपसी भाईचारे और शांति पर खतरा │
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बेरोजगार युवाओं को हक देने की मांग, पैनी नजर रख रहा प्रशासन
स्थानीय युवाओं का आरोप है कि रेलवे साइडिंग के प्रबंधन द्वारा स्थानीय प्रभावित विस्थापितों और शिक्षित बेरोजगारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाना चाहिए, लेकिन कुछ बिचौलिए और स्वार्थी जनप्रतिनिधि अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए बाहर के लोगों को एंट्री दिलाने और लेबर सिंडिकेट पर कब्जा जमाने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चतरा उपायुक्त और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) से मांग की है कि दुआरी साइडिंग पर स्थानीय स्तर पर शांति समिति का गठन किया जाए और केवल स्थानीय योग्य युवाओं को ही पारदर्शी तरीके से रोजगार से जोड़ा जाए, ताकि क्षेत्र में किसी भी तरह के बड़े गैंगवार या हिंसक टकराव की संभावना को हमेशा के लिए खत्म किया जा सके।























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