समंदर देखने की चाहत में पुरी भागे थे जुड़वां भाई! पुलिस ने अर्जुन को किया बरामद, पूछताछ के दौरान करण और शिवा फिर हुए फरार
न्यूज स्केल लाइव विशेष संवाददाता
रांची। राजधानी रांची से रहस्यमय तरीके से लापता हुए जुड़वां भाइयों ‘करण और अर्जुन’ के हाई-प्रोफाइल मामले में रांची पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। रविवार को पुलिस ने लापता दो बच्चों में से एक भाई अर्जुन को सकुशल बरामद कर लिया है। हालांकि, कहानी में ट्विस्ट तब आया जब बरामदगी के बाद पूछताछ के दौरान ही अर्जुन का जुड़वां भाई करण और उनका दोस्त शिवा पुलिस को चकमा देकर दोबारा फरार हो गए।
इस खुलासे से यह पूरी तरह साफ हो चला है कि जिसे अब तक परिजन और स्थानीय लोग किसी बड़े गिरोह द्वारा ‘अपहरण की गंभीर साजिश’ से जोड़कर देख रहे थे, वह कहानी पूरी तरह फर्जी और बच्चों के बचपने का नाटक निकली।
1 जून से लापता थे बच्चे, पुलिस ने रखा था 50 हजार का इनाम
गौरतलब है कि बीते 1 जून 2026 को घर से निकले ये बच्चे जब देर शाम तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने हर संभावित जगह और रिश्तेदारों के यहां उनकी काफी तलाश की थी। कोई सुराग नहीं मिलने पर थक-हारकर धुर्वा थाने में बच्चों की गुमशुदगी की प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी। मामले की संवेदनशीलता और राजधानी से दो जुड़वां भाइयों के गायब होने के कारण पुलिस पर भारी दबाव था, जिसे देखते हुए रांची पुलिस ने बच्चों का सुराग देने वाले को 50 हजार रुपये के नकद इनाम की घोषणा भी की थी।
CCTV फुटेज और ओडिशा कनेक्शन: ऐसे खुली परतें
बच्चों की खोजबीन के लिए रांची पुलिस की विशेष टीम लगातार तकनीकी सर्विलांस में जुटी हुई थी। इसी दौरान पुलिस को रांची रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से बेहद अहम और पुख्ता सुराग हाथ लगे।
फुटेज की जांच में साफ हुआ कि दोनों बच्चे ओडिशा जाने वाली एक ट्रेन में सवार हुए हैं।
सूचना मिलते ही रांची पुलिस की स्पेशल टीम तुरंत ओडिशा के लिए रवाना हुई।
पुरी पहुंचने के बाद स्थानीय पुलिस और इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने आखिरकार करण, अर्जुन और उनके साथी शिवा को सुरक्षित ढूंढ निकाला।
हैरान करने वाली कहानी: समंदर देखने के लिए बनाया ‘सीक्रेट प्लान’
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद जब बच्चों से पूछताछ की गई, तो जो कहानी सामने आई उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
अर्जुन ने पुलिस को बताया कि उसे, उसके भाई करण और उनके दोस्त शिवा को समंदर (Sea) देखने की बहुत तीव्र इच्छा थी। इसी इच्छा को पूरा करने के लिए तीनों ने एक सीक्रेट प्लान बनाया और 1 जून को बिना किसी को बताए चुपचाप घर से निकल पड़े।
पुरी पहुंचने के बाद वे तीनों कई दिनों तक बेफिक्र होकर समंदर के किनारे (सी-बीच) और भगवान जगन्नाथ मंदिर के आसपास घूमते रहे।
पैसे खत्म हुए तो मांगी भीख, रेलवे पुलिस को भी दिया झांसा
बच्चों की इस फरारी में गजब की चालाकी और मुश्किलें भी देखने को मिलीं:
भीख मांगकर भरा पेट: जब जेब में रखे सारे पैसे पूरी तरह खत्म हो गए, तो पेट भरने के लिए इन तीनों बच्चों ने सड़कों और मंदिर परिसर में लोगों से मांगकर खाना शुरू कर दिया।
पुलिस को बनाया बेवकूफ: पुरी रेलवे स्टेशन पर तैनात रेलवे पुलिस (GRP/RPF) को जब इन छोटे बच्चों को अकेले घूमते देख शक हुआ, तो उन्होंने कड़ी पूछताछ की। लेकिन ये बच्चे इतने शातिर निकले कि उन्होंने खुद को अनाथ और पुरी का ही स्थानीय निवासी बता दिया, जिससे रेलवे पुलिस झांसे में आ गई।
पूछताछ के दौरान फिर भागे करण और शिवा, पुलिस ने लगाई एड़ी-चोटी का जोर
फिलहाल, एक भाई अर्जुन पुलिस की कस्टडी में सुरक्षित है, लेकिन जब पुलिस टीम ओडिशा में ही बच्चों से शुरुआती पूछताछ कर रही थी, उसी दौरान चकमा देकर करण और शिवा वहां से फिर भाग खड़े हुए। रांची पुलिस अब इन दोनों बच्चों को दोबारा ढूंढने के लिए ओडिशा और संभावित ठिकानों पर एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है।




















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