बरेली (News Scale Live): देश की आजादी में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जांबाज स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित आज अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हैं। स्थानीय पुलिस और प्रशासन की उदासीनता के चलते दबंगों के हौसले इतने बुलंद हैं कि एक सेनानी के परिवार को अपना पुश्तैनी मोहल्ला तक छोड़ने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
क्या है पूरा मामला?
मामला बरेली शहर के पंजाबपुरा, गुलाब नगर बजरिया क्षेत्र का है। यहाँ के निवासी दिवंगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. के. एम. असर के परिवार का कुछ दबंग पड़ोसियों ने जीना दूभर कर दिया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि दबंग आए दिन उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक उत्पीड़न करते हैं। इस संबंध में स्थानीय थाने और उच्चाधिकारियों से कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है, लेकिन पुलिस की ओर से दबंगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन के इसी ढुलमुल रवैये के कारण अब पीड़ित परिवार पलायन करने को विवश है।
कायस्थ महासभा ने थामी पीड़ित परिवार की बांह
न्याय न मिलने से आहत पीड़ित परिवार ने अपनी सुरक्षा की गुहार लेकर कायस्थ महासभा के पदाधिकारियों से मुलाकात की। परिवार ने रो-रोकर अपने ऊपर हो रहे अत्याचार और पुलिस की निष्क्रियता की पूरी कहानी बयां की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कायस्थ महासभा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश सक्सेना ‘कातिब’ और जिलाध्यक्ष अश्विनी कमठान ने घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा:
”देश के गौरव रहे स्वतंत्रता सेनानी के परिवार का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासभा इस लड़ाई में परिवार के साथ है और जल्द ही पुलिस कप्तान (SSP) और जिलाधिकारी (DM) से मुलाकात कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करेगी।”
समाज के गणमान्य लोग आए आगे
इस दौरान पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने और हर संभव मदद का संकल्प लेने वालों में डॉ. सुबोध अस्थाना, धर्मेन्द्र सक्सेना, राजेश सक्सेना (पन्नु ज्वैलर्स), अनूप सक्सेना, शांतनु सक्सेना, रवि सक्सेना और आशीष सक्सेना सहित समाज के कई गणमान्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे।



















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