मायके आकर प्रेमी भतीजे के साथ फरार हो गई थी नवविवाहिता; पुलिस ने जब खंगाले विधिक दस्तावेज तो दोनों पाए गए बालिग; कानून का हवाला देकर पुलिस ने हस्तक्षेप से किया इंकार, साथ रवाना हुआ जोड़ा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से सामाजिक ताने-बाने और पारिवारिक रिश्तों को झकझोर देने वाला एक बेहद अनोखा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ प्रेम प्रसंग के जुनून में अंधी एक विवाहित महिला समाज और लोक-लाज की परवाह किए बिना अपने ही रिश्ते के सगे भतीजे के साथ पत्नी बनकर रहने की जिद पर अड़ गई। यह हाई-प्रोफाइल ड्रामा जब स्थानीय थाने पहुंचा, तो पुलिस और दोनों पक्षों के परिजनों के बीच घंटों कड़ी विधिक पंचायत चली।
हालांकि, चाची और भतीजे ने एक-दूसरे का हाथ छोड़ने से साफ इंकार कर दिया। अंततः, दोनों के विधिक रूप से पूर्ण बालिग होने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने कानून का हवाला देते हुए मामले में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया, जिसके बाद दोनों साथ-साथ रवाना हो गए।
रिश्ते के भतीजे से चल रहा था प्रेम प्रसंग, स्वजनों ने जबरन करा दी थी दूसरी जगह शादी
यह पूरा सनसनीखेज मामला गोरखपुर जिले के सहजनवा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। विधिक विवरण के अनुसार, सहजनवा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती का अपने ही दूर के रिश्ते के एक भतीजे के साथ लंबे समय से गंभीर प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों छिप-छिपकर एक-दूसरे से मिलते थे। करीब दो महीने पहले जब इस बात की भनक युवती के स्वजनों (परिजनों) को लगी, तो घर में भारी कोहराम मच गया।
सामाजिक बदनामी के डर से परिजनों ने आनन-फानन में युवती की मर्जी के खिलाफ जाकर उसकी शादी हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के एक गांव में तय कर कड़े रीति-रिवाजों के साथ करा दी। स्वजनों को लगा कि शादी के बाद सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
शादी के बाद भी जारी रहा संपर्क, 10 दिन पहले मायके आकर भतीजे संग हुई फरार
शादी होकर ससुराल जाने के बाद भी नई नवेली दुल्हन अपने प्रेमी भतीजे को दिल से नहीं निकाल पायी। कड़े पारिवारिक बंधनों के बावजूद दोनों के बीच मोबाइल फोन के माध्यम से लगातार संपर्क बना रहा।
आरोप है कि करीब 10 दिन पहले महिला अपने ससुराल से मायके (सहजनवा) आई थी। मायके आने के बाद उसने अपने प्रेमी भतीजे के साथ मिलकर एक गुप्त योजना बनाई और एक रात मौका देखकर वह भतीजे के साथ घर से कहीं फरार हो गई। बेटी के अचानक गायब होने से परेशान परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उन्होंने सहजनवा थाने में लिखित तहरीर देकर दोनों को ढूंढने और विधिक कार्रवाई करने की कड़ी गुहार लगाई।
थाने में जुटी भारी भीड़, बालिग होने के कारण पुलिस ने खड़े किए हाथ
परिजनों की लिखित शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए सहजनवा थाना पुलिस ने तकनीकी सेल की मदद से दोनों प्रेमियों पर कड़ा विधिक दबाव बनाया। पुलिस के कड़े प्रयास के बाद शुक्रवार को महिला और युवक अपने-अपने परिजनों के साथ खुद थाने में उपस्थित हो गए। दोनों के थाने पहुंचते ही वहां ग्रामीणों और परिजनों की भारी भीड़ जुट गई।
थाने परिसर के भीतर ही दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों ने चाची और भतीजे को सामाजिक दुहाई दी और इस विजातीय व बेमेल रिश्ते को खत्म कर समझौते का कड़ा प्रयास किया। लेकिन, महिला और युवक ने दो टूक कह दिया कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते और साथ जीने-मरने की बात पर अड़ गए।
विधिक अधिकारों के सामने झुका प्रशासन, मर्जी से साथ रहने का निर्णय लेकर निकले दोनों
घंटों चली कड़क बहस और पंचायत के विफल होने के बाद सहजनवा थाना पुलिस ने मामले को विधिक रूप से सुलझाने का निर्णय लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों के शैक्षणिक और विधिक आयु प्रमाण-पत्रों (दस्तावेजों) की कड़ाई से जांच की। जांच में तकनीकी और विधिक रूप से महिला और युवक, दोनों पूरी तरह बालिग पाए गए।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को स्पष्ट कर दिया कि भारत के संविधान और विधिक कानूनों के अनुसार, दो बालिग अपनी मर्जी से साथ रहने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं। कानूनन पुलिस या परिवार उन्हें अलग रहने के लिए किसी भी कीमत पर बाध्य नहीं कर सकता। अंततः, पुलिस की मौजूदगी में ही दोनों ने एक बार फिर साथ रहने का कड़ा फैसला लिया और परिजनों की भारी नाराजगी के बीच थाने से एक-साथ मुस्कुराते हुए अपनी नई दुनिया बसाने के लिए रवाना हो गए। यह अनोखी शादी पूरे गोरखपुर क्षेत्र में भारी चर्चा का विषय बनी हुई है।





















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