मृतक के बहनोई और शूटर गिरफ्तार; प्रेम विवाह की रंजिश में रची गई थी खूनी साजिश; पुल के पास टायर पंचर होते ही मार दी थी गोली; एसडीपीओ ने किया पर्दाफाश
न्यूज स्केल लाइव
बरही (हजारीबाग): हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत करसो पुल के समीप चारधाम यात्रा पर निकले युवक विक्की कुमार सोनी की हुई सनसनीखेज और दिनदहाड़े हत्या मामले का बरही पुलिस ने महज कुछ ही दिनों के भीतर पूरी तरह से उद्भेदन (खुलासा) कर दिया है। पुलिस ने इस खूनी वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य मास्टरमाइंड सह मृतक के सगे बहनोई विक्रम कुमार (नवादा, बिहार) और उसके पेशेवर अपराधी साथी दिलीप कुमार (गया, बिहार) को कड़े पहरे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बरही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राधा प्रेम किशोर ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड के पीछे के कारणों और अपराधियों के नेटवर्क का विस्तृत पर्दाफाश किया।
सोशल मीडिया स्टेटस से की थी रेकी, ट्रेन का टिकट और लोकेशन देख पीछे लगे थे शूटर
पुलिस जांच और तकनीकी अनुसंधान के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला और डिजिटल युग का काला सच सामने आया है। एसडीपीओ ने बताया कि शातिर अपराधियों ने विक्की की हत्या के लिए सीधे तौर पर सोशल मीडिया का सहारा लिया था। दरअसल, मृतक विक्की कुमार सोनी ने अपनी चारधाम यात्रा पर प्रस्थान करने की पूरी जानकारी, रूट मैप और अपनी ट्रेन का कंफर्म टिकट फेसबुक पोस्ट और व्हाट्सएप स्टेटस पर सार्वजनिक रूप से साझा (शेयर) किया था।
इसी डिजिटल इनपुट के आधार पर अपराधियों ने उसके पल-पल की लाइव लोकेशन को आसानी से ट्रेस किया। मुख्य आरोपी बहनोई विक्रम कुमार तत्काल बोकारो के चंद्रपुरा पहुंचा और वहां से अपने दोस्त की मोटरसाइकिल ली। इसके बाद आरोपियों ने सड़क मार्ग पर विक्की की कार का लगातार पीछा (रेकी) करना शुरू कर दिया।
कार का टायर पंचर होते ही मौके का उठाया फायदा, करसो पुल के पास दागी गोली
साजिश के तहत जब बरही थाना क्षेत्र के करसो पुल के पास अचानक विक्की की कार का टायर पंक्चर हुआ और गाड़ी रुकी, तब घात लगाकर मोटरसाइकिल से पीछा कर रहे अपराधियों ने सुनसान मौके का फायदा उठाया। इससे पहले कि विक्की या कार में सवार अन्य लोग कुछ समझ पाते, अपराधियों ने बिल्कुल करीब जाकर विक्की को लक्ष्य कर अंधाधुंध गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
वारदात को अंजाम देकर अपराधी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
फरारी के दौरान मोबाइल ऑन करते ही जाल में फंसे अपराधी, दोस्त अभिषेक ने की शिनाख्त
हत्याकांड को अंजाम देकर भाग रहे अपराधियों को पकड़ने में पुलिस की तकनीकी शाखा (साइबर सेल) को तब बड़ी सफलता मिली, जब फरारी के दौरान मुख्य आरोपी ने रास्ते में अपनी किसी गाड़ी की किस्त (EMI) का भुगतान करने के उद्देश्य से अपना बंद मोबाइल फोन कुछ देर के लिए ऑन किया। मोबाइल ऑन होते ही पुलिस को उसकी सटीक तकनीकी लोकेशन मिल गई।
इसके बाद एसआईटी ने तुरंत घेराबंदी कर बोकारो के चंद्रपुरा में दबिश देकर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। इसके साथ ही, एक गांव में मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस को गुप्त रूप से मिली कुछ महत्वपूर्ण कड़ियां भी बेहद मददगार साबित हुईं। पुलिस ने जब हिरासत में लिए गए संदिग्धों की तस्वीरें मृतक विक्की के दोस्त अभिषेक को दिखाईं, तो अभिषेक ने तुरंत उनकी पहचान की पुष्टि कर दी।
प्रेम विवाह और आपसी रंजिश की खूनी कहानी, अपराधियों का पुराना इतिहास
इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की पारिवारिक रंजिश और कड़वाहट का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि मृतक विक्की की बड़ी बहन के देवर विक्रम का विक्की की छोटी बहन के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। कुछ समय पूर्व दोनों ने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर आपस में प्रेम विवाह (लव मैरिज) कर लिया था। इस अंतर्जातीय और जबरन विवाह के कारण विक्की और उसके बहनोई विक्रम के बीच अक्सर तीखा विवाद, गाली-गलौज होता रहता था और दोनों एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देते थे।
इसी पारिवारिक वैमनस्यता और अपमान का बदला लेने के लिए विक्रम ने विक्की की हत्या की पूरी साजिश रची। वह अपने घर से अपनी सगी बहन की शादी का कार्ड बांटने का झूठा बहाना बनाकर निकला था और इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार दोनों अपराधियों का पुराना और कड़ा आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ बिहार और झारखंड के विभिन्न थानों में चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखने) के कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं।
दो मोबाइल और कांड में प्रयुक्त साक्ष्य बरामद, सफल टीम को बधाई
बरही पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर उनके पास से घटना के समय प्रयुक्त और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से छिपाए गए दो मोबाइल फोन और वारदात से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्य सफलतापूर्वक बरामद कर लिए हैं।
इस बेहद पेचीदा और अंधे हत्याकांड का त्वरित खुलासा करने वाली सफल छापेमारी टीम में मुख्य रूप से बरही थाना प्रभारी विनोद कुमार, पुलिस अधिकारी रवि रंजन और तकनीकी शाखा (साइबर सेल) के जांबाज सदस्य शामिल थे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने पूरी टीम की पीठ थपथपाई है।





















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