फेसबुक और इंस्टाग्राम के स्वघोषित रंगदार ने हाथ जोड़कर मांगी लिखित माफी, डिलीट की रील;थाना प्रभारी की बड़ी कार्रवाई; बोले— ‘कानून हाथ में लिया या थानों की छवि खराब की, तो पुलिस कायदे से कूटेगी’
न्यूज स्केल लाइव
प्रतापपुर (चतरा): चतरा पुलिस की छवि को सोशल मीडिया पर धूमिल करने और सरकारी कार्यालयों को अपनी रीलबाजी का अड्डा बनाने वाले तथाकथित और स्वघोषित रंगदारों पर जिला प्रशासन का भारी डंडा चल गया है। जिले के प्रतापपुर थाना परिसर के भीतर अनाधिकृत रूप से घुसकर भोजपुरी गानों पर आक्रामक रील बनाने और फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपना फर्जी भौकाल जमाने वाले मुख्य आरोपी युवक को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धर दबोचा है।
अंचल पुलिस की गिरफ्त में आते ही और हवालात के पास पहुंचते ही रीलबाज माफिया की सारी हेकड़ी और तथाकथित रंगदारी पल भर में काफूर (गायब) हो गई।
सुरक्षाकर्मियों की नाक के नीचे चल रहा था खेल, जनप्रतिनिधियों ने जताई आपत्ति
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से चतरा जिले के अति संवेदनशील प्रतापपुर और कुंदा थाने के भीतर सुरक्षाकर्मियों की नाक के नीचे कुछ मनचले युवकों द्वारा मोबाइल से वीडियो और रील बनाकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगातार वायरल किया जा रहा था। इन वीडियोज में थानों के मुख्य बोर्ड और संवेदनशील हिस्सों को दिखाकर पृष्ठभूमि (बैकग्राउंड) में आक्रामक व आपराधिक श्रेणी के भोजपुरी गानों का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे आम जनता के बीच पुलिस की छवि खराब हो रही थी।
इस गंभीर मामले पर स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कड़ी आपत्ति जताए जाने के बाद प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और त्वरित विधिक कड़ा एक्शन शुरू किया।
थाने की हवा लगते ही जुड़े हाथ, लिखित माफीनामे के बाद डिलीट की रील
प्रतापपुर थाना प्रभारी के कड़े निर्देश पर गठित पुलिस की टीम ने जाल बिछाकर तकनीकी इनपुट्स के आधार पर वायरल वीडियो में दिख रहे मुख्य रीलबाज युवक को चिन्हित कर उसके घर पर दबिश दी और उसे तत्काल हिरासत में ले लिया। कल तक जो युवक सोशल मीडिया पर खुद को कानून से ऊपर दिखाकर रंगदारी छांट रहा था, वह थाने की हवालात की हवा लगते ही पूरी तरह भीगी बिल्ली बन गया।
गिरफ्त में आए स्वघोषित सोशल मीडिया किंग ने पुलिस के आला अधिकारियों के सामने बकायदा हाथ जोड़कर अपनी इस घोर विधिक गलती को स्वीकार किया और भविष्य में ऐसा कभी न करने का एक लिखित माफीनामा थाने में सबमिट किया। यही नहीं, पुलिस की मौजूदगी और कड़े पहरे के बीच ही उसने अपने मोबाइल से इंस्टाग्राम और फेसबुक हैंडल को लॉग-इन कर उस विवादित व फर्जी रील को तुरंत हमेशा के लिए डिलीट किया।
बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्डिंग करने वालों को प्रतापपुर पुलिस कायदे से कूटेगी: थाना प्रभारी
रीलबाज युवक पर की गई इस दंडात्मक और सुधारात्मक कार्रवाई के बाद चतरा के युवाओं को सख्त और सीधा संदेश देते हुए प्रतापपुर थाना प्रभारी आलोक रंजन चौधरी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले किसी भी सरकारी कार्यालय या थाने में बिना सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के वीडियो रिकॉर्डिंग करने, रील बनाने और सोशल मीडिया पर रंगदारी छांटने वालों को चतरा पुलिस किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी।
थाना प्रभारी की सीधी चेतावनी: “थाना जनता की सुरक्षा और न्याय का पवित्र मंदिर है, यह किसी रीलबाज के मनोरंजन या भौकाल जमाने का वेंडिंग जोन नहीं है। अगर भविष्य में किसी भी युवक ने व्यूज और लाइक बटोरने की लालच में कानून को अपने हाथ में लेने का दुस्साहस किया या सोशल मीडिया पर चतरा पुलिस की गरिमा और छवि को धूमिल करने की कुत्सित चेष्टा की, तो प्रतापपुर पुलिस उसे वैधानिक धाराओं के तहत जेल भेजेगी और कानून के दायरे में रहकर ‘कायदे से कूटेगी’ भी।”
प्रतापपुर पुलिस की इस कड़क और त्वरित कार्रवाई के बाद चतरा, कुंदा और सिमरिया क्षेत्र के अन्य रीलबाजों और तथाकथित फेसबुकिया रंगदारों के बीच भारी हड़कंप और खौफ का माहौल देखा जा रहा है। प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है।























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