लोहरदगा (न्यूज़ स्केल लाइव): झारखंड के लोहरदगा जिले में पर्यटन को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त (DC) संदीप कुमार मीना की अध्यक्षता में जिला पर्यटन संवर्धन समिति की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सूरत बदलने और पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के लिए कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है।
🔴 लावापानी और 27 नंबर रेलवे ब्रिज का होगा कायाकल्प
बैठक में सबसे बड़ा फैसला जिले के दो सबसे लोकप्रिय टूरिस्ट स्पॉट्स लावापानी जलप्रपात (Waterfall) और 27 नंबर रेलवे ब्रिज को लेकर लिया गया। इन दोनों ही पर्यटन स्थलों को अब कैटेगरी “अ” (Category A) में अपग्रेड करने पर जिला स्तरीय समिति ने अपनी सहमति दे दी है। समिति के इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार को इसका अंतिम प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिससे यहां विकास कार्यों के लिए बड़ा फंड और संसाधन मिल सकेंगे।
इसके अलावा, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले कोराम्बे विष्णुपद मंदिर को भी पर्यटन के लिहाज से बेहतर बनाने के लिए कैटेगरी ‘सी’ से कैटेगरी ‘बी’ में अपग्रेड करने का निर्देश उपायुक्त द्वारा दिया गया है।
🛶 नंदिनी जलाशय में चलेगी बोटिंग, वन भूमि पर बनेंगे सामुदायिक केंद्र
लोहरदगा वासियों और बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए एक और अच्छी खबर है। उपायुक्त संदीप कुमार मीना ने नंदिनी जलाशय में पर्यटकों के मनोरंजन के लिए बोटिंग (नौकायन) की सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है, जिसका प्रस्ताव जल्द ही सरकार को भेजा जाएगा।
वहीं, ऐसे पर्यटन स्थल जो वन भूमि (Forest Land) के दायरे में आते हैं, वहां पर्यटकों की सहूलियत के लिए सामुदायिक विकास केंद्र विकसित किए जाएंगे। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के सभी अधिसूचित पर्यटन स्थलों के विकास के लिए एक विस्तृत और ठोस कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाए।
⚠️ सुरक्षा और स्थानीय लोगों की भागीदारी पर जोर
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं:
डेंजर जोन और साइनेज: सभी पर्यटन स्थलों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश, आवश्यक साइनेज और डेंजर जोन (खतरे वाले क्षेत्रों) से संबंधित चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे।
इमरजेंसी नंबर्स: किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए प्रमुख जगहों पर महत्वपूर्ण फोन नंबर डिस्प्ले किए जाएंगे।
लाभुक समिति और स्थानीय सुझाव: सभी पर्यटन स्थलों के रख-रखाव के लिए ‘लाभुक समिति’ का गठन होगा। साथ ही, वहां बुनियादी सुविधाएं विकसित करने के लिए स्थानीय ग्रामीणों और लोगों से भी सुझाव लिए जाएंगे ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें।
👥 बैठक में ये रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय बैठक में उपायुक्त के साथ उप विकास आयुक्त (DDC) राज महेश्वरम, आईटीडीए की परियोजना निदेशक (PD ITDA) सुषमा नीलम सोरेंग, जिला खेल पदाधिकारी उपवन बड़ा समेत जिला पर्यटन समिति के अन्य अधिकारी और सम्मानित सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।






















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