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न्यूज स्केल की खबर का बड़ा असर: ₹22 लाख की पीसीसी सड़क जांचने पहुंचे इंजीनियर; बीच सड़क में गड्ढा कर परखी गुणवत्ता

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कार्यपालक अभियंता के निर्देश पर सहायक और कनीय अभियंता ने किया औचक निरीक्षण; ग्रामीणों ने संवेदक पर लगाया था घोर अनियमितता का आरोप; विभाग बोला— लापरवाही बर्दाश्त नहीं

न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो

पत्थलगड़ा (चतरा): चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत बरवाडीह गांव में डीएमएफटी (DMFT) फंड से बनाई जा रही पीसीसी सड़क निर्माण में संवेदक की मनमानी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के खिलाफ ‘न्यूज स्केल लाइव’ पर प्रसारित खबर का एक बड़ा और त्वरित असर देखने को मिला है। खबर प्रसारित होने के महज दूसरे ही दिन ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल हरकत में आ गया।

शनिवार को विभाग के आला इंजीनियरों की टीम ने सीधे बरवाडीह गांव पहुंचकर निर्माण कार्य स्थल का औचक व व्यापक निरीक्षण किया और धरातल पर काम की गुणवत्ता को परखा।

खबर के बाद एक्शन में विभाग, कार्यपालक अभियंता ने भेजी टीम

विदित हो कि बरवाडीह गांव में लगभग 22 लाख रुपये की भारी-भरकम प्राक्कलित राशि से इस पीसीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने संवेदक (ठेकेदार) पर एस्टीमेट की अनदेखी करने, कम सीमेंट डालने और घोर वित्तीय अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।

इस जनहित के मुद्दे को ‘न्यूज स्केल लाइव’ ने प्रमुखता से और प्रमाण के साथ प्रसारित किया था। खबर चलते ही रांची से लेकर चतरा तक के प्रशासनिक गलियारे में हड़कंप मच गया। ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता (EE) महेश कुमार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए तत्काल कड़ा एक्शन लिया और जांच के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय तकनीकी टीम गठित कर मौके पर रिपोर्ट तलब की।

इंजीनियरों ने बीच सड़क पर गड्ढा खोदकर जांची ढलाई की मोटाई

कार्यपालक अभियंता के कड़े निर्देश पर सहायक अभियंता (AE) सुमन चंद्र पटेल और कनीय अभियंता (JE) अनिल लकड़ा शनिवार सुबह ही बरवाडीह गांव स्थित कार्य स्थल पर धमक पड़े। इंजीनियरों को अचानक देखकर वहां कार्य करा रहे मुंशी और संवेदक के कर्मियों में हड़कंप मच गया।

जांच के दौरान पूरी पारदर्शिता और सख्ती बरती गई:

  • गड्ढा कर हुई जांच: इंजीनियरों ने ग्रामीणों की मौजूदगी में नवनिर्मित पीसीसी सड़क के कई हिस्सों के बीचों-बीच तकनीकी हथौड़ों से गड्ढा करवाया, ताकि ढलाई की मोटाई (Thickness) और नीचे डाली गई बेस सामग्री (गिट्टी-बालू) का सटीक भौतिक सत्यापन किया जा सके।

  • बचे कार्य पर कड़े निर्देश: जांच दल ने अब तक हो चुके निर्माण के सैंपल कलेक्ट किए और संवेदक को निर्देश दिया कि बाकी बची हुई आधी सड़क का निर्माण केवल और केवल सरकारी एस्टीमेट और मानकों के अनुरूप ही किया जाए।

लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं, संवेदक को अल्टीमेटम: सहायक अभियंता

जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए सहायक अभियंता सुमन चंद्र पटेल ने सख्त लहजे में कहा:

“विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर तकनीकी पहलुओं को बारीकी से देखा है। संवेदक को कई कड़े लिखित और मौखिक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार के पैसे का दुरुपयोग या सरकारी विकास कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही और घटिया काम को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि लैब टेस्ट या फाइनल रिपोर्ट में विसंगति पाई गई, तो संवेदक का भुगतान रोकने के साथ-साथ ब्लैकलिस्ट (काली सूची) करने की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

अभियंताओं की इस त्वरित कार्रवाई और निष्पक्ष जांच के बाद बरवाडीह गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और ग्रामीणों ने ‘News Scale Live | भरोसे की पहचान’ की खोजी पत्रकारिता के प्रति अपना आभार और अटूट विश्वास प्रकट किया है।

बरवाडीह में डीएमएफटी फंड की लूट: 22 लाख की पीसीसी सड़क निर्माण में घोर अनियमितता, संवेदक पर मनमानी का आरोप

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