पीएम किसान योजना और लोन के नाम पर भी देते थे झांसा; एसपी के निर्देश पर साइबर, पुलिस की संयुक्त छापेमारी, मोबाइल व एटीएम कार्ड बरामद
न्यूज स्केल लाइव ब्यूरो
देवघर: झारखंड के साइबर अपराध के सबसे बड़े गढ़ माने जाने वाले देवघर जिले में ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। देवघर पुलिस अधीक्षक (SP) प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के सख्त निर्देश एवं साइबर पुलिस उपाधीक्षक (DSP) कैलाश प्रसाद महतो के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी करने वाले तीन शातिर साइबर अपराधियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
यह गिरोह देश के प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स और डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के नाम पर देश भर के भोले-भाले लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहा था।
गूगल पर ‘PhonePe और IRCTC’ का फर्जी नंबर डालकर फंसाते थे जाल में
पुलिस को गुप्त और पुख्ता सूचना मिली थी कि देवघर के कुछ सुदूरवर्ती इलाकों में बैठकर कुछ अपराधी फर्जी तरीके से Flipkart, Amazon, Airtel Payment Bank तथा Google सर्च इंजन पर PhonePe व Paytm के फर्जी ‘Customer Care’ नंबर अपलोड कर लोगों को ठग रहे हैं। इसके अलावा यह गिरोह भारत सरकार की कल्याणकारी ‘PM किसान सम्मान निधि योजना’ का लाभ दिलाने और बेहद कम ब्याज दर पर तुरंत पर्सनल लोन पास कराने के नाम पर भी लोगों को झांसा देकर ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) को अंजाम दे रहा था।
तीन सगे ठग दबोचे गए, मोबाइल और सिम कार्ड खंगाल रही है पुलिस
प्राप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना, पाथरौल थाना और करौं थाना की पुलिस ने संयुक्त रूप से चिन्हित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
संतोष कुमार दास (उम्र 36 वर्ष)
शेखर कुमार दास (उम्र 22 वर्ष)
सुमन कुमार दास (उम्र 22 वर्ष)
पुलिस द्वारा की गई तकनीकी और प्रारंभिक जांच में इन तीनों आरोपियों के पास मौजूद एक्टिव मोबाइल फोन और सिम कार्ड से देश के विभिन्न राज्यों के नागरिकों से लाखों की ठगी करने के पुख्ता डिजिटल प्रमाण मिले हैं।
ये था ठगी का ‘मोडस ऑपेरंडी’: कैशबैक और एयरटेल थैंक्स ऐप से लूट
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिसिया पूछताछ में अपने अपराध और ठगी के नायाब तरीकों को स्वीकार किया है:
कैशबैक का लालच: ये अपराधी फर्जी Google Pay, PhonePe, Paytm के कस्टमर केयर अधिकारी या फिर IRCTC (रेलवे टिकटिंग) के बड़े अफसर बनकर लोगों को कॉल करते थे और रिफंड या भारी ‘कैशबैक’ का लालच देकर उनके मोबाइल पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करवा लेते थे।
एयरटेल थैंक्स ऐप का जाल: आरोपी फर्जी Airtel Payment Bank के नोडल अधिकारी बनकर लोगों को केवाईसी (KYC) अपडेट करने का डर दिखाते थे और Airtel Thanks App के जरिए उनके बैंक खातों से पूरी रकम उड़ा देते थे।
सफल छापेमारी के बाद पुलिस ने अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले निम्नलिखित गैजेट्स और सामग्रियां जब्त की हैं: मोबाइल फोन: 04 पीस (महंगे और हाईटेक स्मार्टफोन) सिम कार्ड: 03 पीस (फर्जी आईडी पर एक्टिवेटेड) डेबिट/एटीएम कार्ड: 05 पीस (विभिन्न बैंकों के, जिनका इस्तेमाल पैसे निकालने में होता था) नकदी: 3,000 रुपये कैश।
देवघर पुलिस का कहना है कि इन अपराधियों के पास से मिले डेबिट कार्ड्स के बैंक खातों को होल्ड (Freeze) कराया जा रहा है, ताकि ठगी गई राशि का पता लगाया जा सके। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और बैंक खाता सप्लायरों की तलाश में जुटी है।




















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