ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर उपायुक्त का औचक निरीक्षण; आने वाली पीढ़ियों को जिले के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराने की अनूठी पहल, मौके पर एसडीओ समेत कई अधिकारी रहे मौजूद
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और गौरवशाली धरोहरों को सहेजने, उनका संरक्षण करने तथा उन्हें पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन ने एक बेहद सराहनीय और बड़ी पहल शुरू की है। इसी कड़ी में चतरा के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी रवि आनंद ने गुरुवार को चतरा शहर के सदर अस्पताल के समीप स्थित अत्यंत ऐतिहासिक ‘फांसी तालाब’ का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने धरातल पर उतरकर स्थल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उसकी वर्तमान स्थिति और उसके संरक्षण से संबंधित विभिन्न तकनीकी व व्यावहारिक पहलुओं की गहन जानकारी संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्राप्त की।
बभने स्थित ब्रिटिशकालीन समाधि स्थल का भी लिया जायजा
फांसी तालाब का बारीकी से मुआयना करने के बाद उपायुक्त रवि आनंद का काफिला बभने स्थित ऐतिहासिक ब्रिटिशकालीन समाधि स्थल पर पहुंचा। वहां उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर वर्तमान स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त रवि आनंद ने ऐतिहासिक स्थलों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा:
“चतरा जिले का इतिहास बेहद गौरवशाली और समृद्ध रहा है। जिले के इन ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और सौंदर्यीकरण करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह इसलिए आवश्यक है ताकि हमारी आने वाली युवा पीढ़ियां जिले के इस गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भली-भांति अवगत हो सकें और अपनी माटी पर गर्व कर सकें।”
साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था और आधारभूत सुविधाएं विकसित करने का सख्त निर्देश
उपायुक्त ने मौके पर ही मौजूद संबंधित अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए निर्देश दिया कि फांसी तालाब एवं ब्रिटिशकालीन समाधि स्थल का एक मुकम्मल प्रोजेक्ट बनाकर समुचित सौंदर्यीकरण (Beautification) कराया जाए। उन्होंने नगर परिषद के अधिकारियों को इन स्थलों पर साफ-सफाई की नियमित और चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पर्यटकों व आमजनों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाएं (जैसे बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग और पेयजल) विकसित करने का कड़ा निर्देश दिया।
इसके साथ ही डीसी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि इन स्थलों की जो मूल ऐतिहासिक पहचान और प्राचीन स्वरूप है, उसके साथ कोई छेड़छाड़ न हो; बल्कि उसे पूरी तरह संरक्षित रखते हुए एक आकर्षक एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया जाए।
चतरा शहर के ऐतिहासिक स्थलों के इस हाई-प्रोफाइल निरीक्षण के मौके पर मुख्य रूप से: अरविंद कुमार (अपर समाहर्ता, चतरा), जहूर आलम (अनुमंडल पदाधिकारी – SDO, चतरा), विनीता कुमारी (कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, चतरा), नगर प्रबंधक (नगर परिषद, चतरा) सहित कई अन्य संबंधित विभागों के कनिष्ठ अभियंता और प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।




















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