एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की विशेष टीम ने बिछाया जाल; काम कराने के नाम पर मांग रहा था घूस, गिरफ्तारी से सरकारी दफ्तरों में मचा हड़कंप
झारखंड में सरकारी महकमों और सार्वजनिक सेवा विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार व रिश्वतखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे महा-अभियान के तहत हजारीबाग एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक और बहुत बड़ी कार्रवाई की है। एसीबी की विशेष टीम ने कोडरमा जिले में कड़ा रुख अपनाते हुए बिजली विभाग के एक घूसखोर लाइनमैन को रिश्वत की रकम लेते हुए सरेआम रंगेहाथ दबोच लिया है।
एसीबी की इस औचक और बड़ी दंडात्मक कार्रवाई के बाद कोडरमा के बिजली विभाग समेत तमाम सरकारी दफ्तरों और बाबू-कर्मियों के सिंडिकेट में पूरी तरह से हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल व्याप्त हो गया है।
शिकायत की पुष्टि के बाद एसीबी ने बिछाया था जाल; मौके पर ही दबोचा
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की यह कड़क कार्रवाई गुरुवार को कोडरमा जिले के तिलैया थाना क्षेत्र अंतर्गत झुमरी तिलैया बिजली सब-डिवीजन इलाके में की गई। एसीबी की विशेष विजिलेंस टीम को पीड़ित उपभोक्ता द्वारा पहले ही एक लिखित और गोपनीय शिकायत दी गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि बिजली विभाग का संबंधित लाइनमैन उनका काम करने (फाइल आगे बढ़ाने/बिजली संबंधी सुधार) के बदले मोटी रिश्वत की मांग कर रहा था और लगातार परेशान कर रहा था।
शिकायत मिलने के बाद हजारीबाग एसीबी के अधिकारियों ने गुप्त रूप से मामले का भौतिक और तकनीकी सत्यापन कराया। शिकायत की शत-प्रतिशत पुष्टि होने के बाद, एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से जाल (Trap) बिछाया। रणनीति के तहत गुरुवार को जैसे ही पीड़ित ने आरोपी लाइनमैन को ₹5,000 (पांच हजार रुपये) की घूस की राशि थमाई, वैसे ही पहले से सादे लिबास में मुस्तैद अंचल घेराबंदी कर खड़े एसीबी के जांबाज अधिकारियों ने उसे मौके पर ही दबोच लिया और रिश्वत के नोट बरामद कर लिए।
झुमरी तिलैया सब-डिवीजन में मची अफरा-तफरी; स्थानीय जनता ने जताया संतोष
केमिकल टेस्ट और प्राथमिक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसीबी की टीम गिरफ्तार आरोपी लाइनमैन को कड़े पहरे में अपने साथ हजारीबाग मुख्यालय ले गई है, जहाँ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Anti-Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी और दंडात्मक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई के दौरान झुमरी तिलैया बिजली सब-डिवीजन कार्यालय में दिनभर अफरा-तफरी और सन्नाटे की स्थिति देखी गई।
एसीबी के वरीय अधिकारियों ने दोटूक शब्दों में साफ कर दिया है कि झारखंड सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी सरकारी विभाग में यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो आम जनता सीधे एसीबी से संपर्क करे; दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं दूसरी ओर, इस त्वरित कार्रवाई को लेकर कोडरमा के स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने गहरा संतोष जताया है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग समेत अन्य कार्यालयों में रिश्वतखोरी आम समस्या बन चुकी थी और ऐसे भ्रष्ट तत्वों पर हंटर चलना बेहद जरूरी था ताकि आम जनता को राहत मिल सके।



















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