जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच ने सुनाया फैसला; एसीबी (ACB) कोर्ट में दाखिल कर चुकी है चार्जशीट, ₹8,000 रिश्वत लेते हुई थी रंगेहाथ गिरफ्तारी
रांची | न्यूज स्केल लाइव
भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने एक बड़ा और कड़ा फैसला सुनाया है। बकाया राशि के भुगतान और सरकारी बिल पास कराने के एवज में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार की गई गुमला की तत्कालीन महिला पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय ने किरण कुसुम को किसी भी प्रकार की राहत या बेल (Bail) देने से साफ इंकार करते हुए उसकी जमानत याचिका (Bail Petition) को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की बेंच में हुई तीखी बहस; दलीलें नामंजूर
झारखंड हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश जस्टिस अनुभा रावत चौधरी की एकल पीठ (बेंच) में किरण कुसुम खलखो की जमानत याचिका पर विस्तार से सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के विशेष लोक अभियोजक और बचाव पक्ष (अभियुक्त के वकील) के बीच तीखी कानूनी बहस और दलीलें पेश की गईं।
बचाव पक्ष ने महिला होने और अन्य आधारों पर जमानत देने की पुरजोर वकालत की। वहीं, दूसरी ओर एसीबी के अधिवक्ता ने अपराध की संवेदनशीलता और समाज पर इसके नकारात्मक प्रभाव का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों को गंभीरता से सुनने के बाद हाईकोर्ट ने आरोपों को गंभीर मानते हुए याचिका खारिज कर दी।
एसीबी ने चार्जशीट में किए कई बड़े खुलासे; सबूत किए पेश
जमानत याचिका खारिज होने के पीछे एसीबी द्वारा की गई पुख्ता और वैज्ञानिक तफ्तीश को मुख्य वजह माना जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने पिछले दिनों ही इस कांड के अनुसंधान को पूरा करते हुए सक्षम अदालत में किरण कुसुम खलखो के विरुद्ध चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है।
एसीबी की ओर से दाखिल इस आधिकारिक चार्जशीट में घूसखोरी की पूरी घटना का क्रमवार (क्रोनोलॉजिकल) और विस्तृत जिक्र किया गया है। इसके साथ ही जांच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में कई चौंकाने वाले खुलासे भी किये हैं। पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को शत-प्रतिशत प्रमाणित करने के लिए एसीबी ने डिजिटल साक्ष्य, वॉयस रिकॉर्डिंग और केमिकल टेस्ट रिपोर्ट सहित कई अकाट्य सबूत भी कोर्ट के समक्ष पेश किए हैं।
21 मई को अगली सुनवाई; गुमला के बिशुनपुर में हुई थी गिरफ्तारी
चार्जशीट दायर होने के बाद, विशेष अदालत ने मामले में सरकार द्वारा दी जाने वाली अभियोजन स्वीकृति (Prosecution Sanction) की प्रतीक्षा में अगली सुनवाई के लिए 21 मई 2026 की तिथि निर्धारित की है। गौरतलब हो कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने जाल बिछाकर किरण कुसुम खलखो को बीते 12 मार्च को गुमला जिले से रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। उसकी पदस्थापना (पोस्टिंग) गुमला जिले के बिशुनपुर प्रखंड अंतर्गत सेरका पंचायत में पंचायत सचिव के पद पर थी। वहां एक ठेकेदार/लाभुक से योजना की बकाया राशि का भुगतान करने और फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर ₹8,000 रिश्वत मांगने का संगीन आरोप लगा था। शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाया था और केमिकल लगे नोटों के साथ उसे दबोचकर जेल भेज दिया था, जहाँ वह तब से लगातार सलाखों के पीछे बंद है।




















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