पुत्रों को फायदा पहुंचाने के लिए पारिवारिक सूची से बेटियों के नाम गायब करने का सनसनीखेज आरोप; ग्राम सभा में धोखे से लिया अंगूठे का निशान, एक साल से भटक रही है लाचार विधवा
देवघर ब्यूरो | न्यूज स्केल लाइव
देवघर जिले में सरकारी परियोजनाओं के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में एक बार फिर गंभीर अनियमितता और धांधली का मामला गरमा गया है। रिखिया थाना क्षेत्र के बिहरोजी गांव की रहने वाली एक बेबस और लाचार विधवा महिला ने जिला प्रशासन और भू-अर्जन विभाग पर मिलीभगत का सनसनीखेज आरोप लगाते हुए देवघर उपायुक्त (DC) को एक लिखित शिकायती आवेदन सौंपा है। पीड़िता रतनी देवी का आरोप है कि देवघर बाईपास सड़क निर्माण परियोजना के तहत मौजा नकटी एवं फतेहपुर में अधिग्रहित पैतृक भूमि के मुआवजे की बंदरबांट में अंचल कार्यालय से लेकर भू-अर्जन कार्यालय तक के अधिकारियों व कर्मियों ने उनके हक पर डाका डाला है।
“बेटियों का नाम जानबूझकर काटा, पुत्रों को दे रहे हैं लाखों का मुआवजा”
उपायुक्त को सौंपे गए मार्मिक आवेदन में रिखिया थाना क्षेत्र के बिहरोजी निवासी रतनी देवी ने बताया कि देवघर बाईपास सड़क निर्माण के लिए उनके पूजनीय पिता स्वर्गीय हरि महतो की रैयती जमीन का अधिग्रहण किया गया है। कानूनन पिता की संपत्ति में पुत्रियों (बेटियों) का भी बराबर का कानूनी अधिकार है।
लेकिन, गांव के दबंगों, राजस्व कर्मियों (हल्का कर्मचारी), अंचल कार्यालय के संबंधित बाबुओं और जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की कथित मिलीभगत और साठगांठ से एक बड़ा खेल किया गया। मुआवजा हड़पने की नीयत से वंशावली और पारिवारिक सूची तैयार करने के दौरान स्वर्गीय हरि महतो की पुत्रियों (बेटियों) का नाम जानबूझकर और साजिश के तहत गायब कर दिया गया। वहीं, दूसरी ओर पुत्रों (बेटों) का नाम दर्ज कर लाखों रुपये के मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को गुपचुप तरीके से आगे बढ़ा दिया गया।
ग्राम सभा में धोखे से लिया अंगूठे (टीप) का निशान, कार्यालय से दुत्कार कर भगाया
पीड़ित विधवा रतनी देवी ने प्रशासनिक तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करते हुए बताया कि योजना के शुरुआती चरण में जब गांव में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, तब अधिकारियों और राजस्व कर्मियों ने उन्हें पूरा भरोसा दिया था। उनसे यह कहकर कागज पर अंगूठे का निशान (टीप निशान) ले लिया गया था कि उनका और उनकी बहनों का नाम पारिवारिक सूची में जोड़ दिया गया है।
लेकिन, जब वे बीते दिनों अपने हिस्से के वैध मुआवजे और कागजातों की वस्तुस्थिति जानने जिला भू-अर्जन कार्यालय पहुंचीं, तो वहां के कर्मियों ने सूची में उनका नाम नहीं होने की बात कहते हुए उन्हें डांटकर और दुत्कार कर कार्यालय से बाहर भगा दिया।
एक साल से न्याय के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही है असहाय विधवा
रतनी देवी ने बताया कि इस घोर अन्याय और हकमारी के खिलाफ उन्होंने विभाग में लिखित आपत्ति आवेदन (Objection Application) भी दर्ज कराया था। लेकिन, भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे कर्मियों ने उनकी आपत्ति पर कोई सुनवाई नहीं की।
महिला ने अत्यंत भावुक होकर कहा कि वे खुद एक अत्यंत असहाय, गरीब और विधवा महिला हैं। शारीरिक रूप से अस्वस्थ होने और चलने-फिरने में भारी परेशानी के बावजूद वे पिछले एक वर्ष से कड़ाके की धूप और ठंड में अपने वैध कानूनी अधिकार और न्याय के लिए अंचल से लेकर समाहरणालय के चक्कर काट-काटकर थक चुकी हैं, लेकिन भ्रष्ट तंत्र के आगे उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
बैंक स्तर पर भुगतान रोकने और निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़िता ने देवघर उपायुक्त से हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि मौजा नकटी एवं फतेहपुर से संबंधित विवादित भू-अर्जन वादों (केस) के तहत पुत्रों के नाम पर जारी किए गए या किए जा रहे मुआवजे के भुगतान को तत्काल प्रभाव से बैंक स्तर पर स्थगित (Hold/Freeze) किया जाए। उन्होंने पूरे मामले की किसी स्वतंत्र और वरीय अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रुक सके और स्वर्गीय हरि महतो की पुत्रियों के कानूनी अधिकारों का हनन होने से बचाया जा सके। इस मामले के बाद देवघर के भू-अर्जन विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।





















Total Users : 974987
Total views : 2739302