टंडवा (चतरा)। शनिवार देर रात आम्रपाली कोल परियोजना में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी एनसीसी के साइट पर आधी रात करीब आधा दर्जन हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोल दिया। अपराधियों ने एक वोल्वो वाहन में आग लगा दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड के साथ स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था।
बताया जाता है कि 17 जनवरी को टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) ने संबंधित कंपनी को अंजाम भुगतने की चेतावनी दी थी। वहीं, 7 अक्टूबर को जेजेएमपी (झारखंड जनमुक्ति परिषद) द्वारा आरकेएस कंस्ट्रक्शन के साइट पर पोस्टर चस्पा कर धमकी देने की घटना सामने आई थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा टेरर फंडिंग मॉड्यूल ध्वस्त किए जाने के बाद अब एक बार फिर लेवी और ठेकेदारी के नाम पर दहशत फैलाने की कोशिशों के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, दबे जुबान कुछ लोग उग्रवादी संगठनों के नाम पर पुछल्ले गिरोहों की संलिप्तता की भी बात कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस के सामने पोस्टर, धमकी, लेवी और आगजनी—इन सभी कड़ियों को जोड़ते हुए शीघ्र उद्भेदन कर घटनाओं पर लगाम लगाने की बड़ी चुनौती है, ताकि हजारों करोड़ रुपये के निवेश और स्थानीय लोगों में भय का माहौल न बने।
घटना के बाद एनसीसी कंपनी के दफ्तर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी दिखी, जबकि सामान्य दिनों की तुलना में चहलकदमी कम रही। इधर, शिवपुर साइडिंग तक कोयला ट्रांसपोर्टिंग को लेकर कथित सिंडिकेट सक्रिय होने की खबरें भी हाल के दिनों में विभिन्न अखबारों में प्रकाशित होती रही हैं, जिस पर भी पुलिस की नजर बताई जा रही है।






















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