सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में स्वामी विवेकानंद जयंती ‘युवा दिवस’ के रूप में धूमधाम से मनाई गई।
लोहरदगा | सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर, गुमला रोड, लोहरदगा के प्रांगण में आज महान संत, विचारक एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य-वृंद ने स्वामी जी को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
प्रभारी प्रधानाचार्य श्री महेंद्र कुमार मिश्रा ने स्वामी विवेकानंद जी के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे अदम्य साहस, अटूट आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के प्रतीक थे। उनका जीवन युवाओं के लिए अनुशासन, आत्मबल और राष्ट्रसेवा का प्रेरक उदाहरण है।
विद्यालय की आचार्या श्रीमती पिंकी जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि
“स्वामी विवेकानंद जी सनातन धर्म के सच्चे संरक्षक थे। उन्होंने विश्व पटल पर भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना को गौरव प्रदान किया।”
वहीं, आचार्या श्रीमती लक्ष्मी देवी ने स्वामी जी के जीवन से जुड़ी अनेक प्रेरक घटनाओं को साझा करते हुए विद्यार्थियों एवं आचार्य-वृंद को उनके आदर्शों और पदचिह्नों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर उपस्थित सभी आचार्य-बंधु एवं भगिनियों ने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।




















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