गुमला। गुमला नगर परिषद द्वारा निकाली गई निविदा को लेकर संवेदकों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। संवेदकों का आरोप है कि मनचाहे तरीके से केवल चहेते ठेकेदारों को विपत्र देकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मामले को लेकर शुक्रवार को नगर परिषद कार्यालय में उस समय हंगामा हो गया, जब संवेदकों को विपत्र बिक्री से मना कर दिया गया। इसके बावजूद अगले दिन भी संवेदक नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और कुल 17 विभिन्न योजनाओं से संबंधित विपत्रों की बिक्री के लिए रजिस्टर देखने की मांग की। लेकिन कार्यालय में मौजूद टेबल पर कोई भी सक्षम कर्मचारी उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं दे सका।
इसके बाद असंतुष्ट संवेदक मीडिया के सामने आए और नगर परिषद पर “सेटिंग–गेटिंग” के तहत निविदा तैयार करने का आरोप लगाया। संवेदकों ने बताया कि इस संबंध में गुमला उपायुक्त एवं नगर विकास विभाग, रांची को लिखित शिकायत दी गई है। साथ ही मांग की गई है कि मौजूदा निविदा को तत्काल रद्द कर स्वच्छ, पारदर्शी और नियमानुसार नई निविदा प्रक्रिया कराई जाए।
संवेदकों का कहना है कि इस पूरे मामले को अखबारों में भी प्रमुखता से उठाया गया है, बावजूद इसके अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडर में मिलीभगत कर करीब 20 प्रतिशत कमीशन के लिए यह हथकंडा अपनाया गया है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसा है।





















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