सिमरिया (चतरा)। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव तारकेश्वर दास के निर्देशन में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से बुधवार को सिमरिया प्रखंड के जबड़ा गांव में एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया। शिविर को संबोधित करते हुए अधिकार मित्र सुबोध कुमार शर्मा, उमेश प्रसाद, रंजन कुमार मिश्रा, सीता देवी एवं अंजली कुमारी ने संयुक्त रूप से कहा कि बाल विवाह न केवल एक कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। कम उम्र में शादी होने से बच्चों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और वे शिक्षा के अधिकार से भी वंचित रह जाते हैं। अधिकार मित्रों ने उपस्थित ग्रामीणों को बाल विवाह निषेध अधिनियम और इससे जुड़ी सजा व कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह को बढ़ावा देने वाले या इसमें शामिल होने वाले लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। सभी ने आम लोगों से अपील किया की यदि आपके आस-पास कहीं भी बाल विवाह की तैयारी हो रही हो, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित प्रशासन या जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) को दें। आपकी एक सतर्कता किसी बच्चे का भविष्य बचा सकती है। शिविर में स्थानीय महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने एकजुट होकर अपने समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने और लोगों को जागरूक करने का सामूहिक संकल्प लिया।
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