राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन के बैनर तले सुबह 8 से शाम 5 बजे तक ठप रहा काम, प्रबंधन के आश्वासन पर शाम 6 बजे शुरू हुआ परिचालन; अब 22 अक्टूबर की वार्ता पर टिकी निगाहें
केरेडारी (हजारीबाग), झारखंड। हजारीबाग जिले के केरेडारी कोल माइंस में राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने 15 अक्टूबर 2026 को अपनी सात सूत्री मांगों को लेकर सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक कन्वेयर बेल्ट बंद रखा। प्रबंधन से आश्वासन मिलने के बाद शाम 6 बजे परिचालन दोबारा शुरू किया गया।
यूनियन का आरोप: मांगपत्र पर नहीं हुई सुनवाई
यूनियन ने 22 जुलाई 2026 को एनटीपीसी के महाप्रबंधक को मांगपत्र सौंपा था। यूनियन का आरोप है कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने के कारण उसे आंदोलन करना पड़ा। प्रबंधन ने मांगों पर गंभीरता से विचार करने और 22 अक्टूबर को यूनियन के साथ वार्ता करने का आश्वासन दिया है।
यूनियन की प्रमुख मांगें
- कामगारों को हाई पावर कमेटी के अनुसार वेतन
- विस्थापित मजदूरों को प्राथमिकता
- गौसिया मोहल्ले के विस्थापन के साथ नौकरी और मुआवजा
- बाहरी मजदूरों की बहाली की जांच
- वायु और ध्वनि प्रदूषण पर रोक तथा प्रभावितों को मुआवजा
- पांडू में अस्पताल और स्कूल
- विस्थापित बेरोजगार युवाओं को एक करोड़ रुपये तक के ठेके
आंदोलन में ये रहे मौजूद
आंदोलन में परियोजना सचिव मोहम्मद हाफिज अटारी के साथ मोहम्मद मुमताज, गोलू कुमार, संतोष कुमार, रुपेश कुमार, अब्दुल वाहिद, मनोज कुमार, अनिल कुमार, राजू भैया, उबेद रजा, सफीक अंसारी, अर्जुन मुंडा, मोहम्मद सोहेल, सिकंदर कुमार, मोहम्मद सद्दाम, आजाद अंसारी, शमशाद अंसारी, मुस्तकीम अंसारी, उत्तम कुमार, शमशेर आलम, समीर अंसारी समेत अन्य सदस्य शामिल रहे।
अब 22 अक्टूबर की वार्ता पर नजर
अब सबकी निगाहें 22 अक्टूबर की वार्ता पर हैं, जिसमें तय होगा कि प्रबंधन मजदूरों और विस्थापितों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
भरोसे की पहचान: न्यूज स्केल लाइव




















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