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सड़क किनारे झाड़ियों में मिली कपड़े में लिपटी नवजात बच्ची, ग्रामीण की सतर्कता से बची जान

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मासूम को लावारिस छोड़ने का मामला, पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया; चाइल्ड केयर सेंटर में संरक्षण की व्यवस्था

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में नवजात बच्ची को लावारिस हालत में छोड़ने का मामला सामने आया है। सड़क किनारे झाड़ियों में कपड़े में लिपटी बच्ची के रोने की आवाज सुनकर एक ग्रामीण मौके पर पहुंचा। वहां नवजात को देखकर उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को अस्पताल पहुंचाया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे चाइल्ड केयर सेंटर में संरक्षण के लिए भेज दिया।

घटना कहां और कब हुई?

प्राप्त ताजा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 की सुबह गोरखपुर जिले के सिकरीगंज थाना क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर धोबौली अंडरपास के पास हुई। धोबौली गांव निवासी अशोक कुमार साहनी सुबह करीब पांच बजे टहलने निकले थे। इसी दौरान उन्हें झाड़ियों से नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखने पर बच्ची कपड़े में लिपटी हुई मिली।

पुलिस ने तत्काल शुरू की कार्रवाई

नवजात मिलने की सूचना डायल-112 पर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के सहयोग से बच्ची को पहले सिकरीगंज के एक निजी अस्पताल और फिर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उरुवा ले जाया गया। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को शहर स्थित चाइल्ड केयर सेंटर में भेज दिया, जहां उसकी देखभाल और संरक्षण की व्यवस्था की गई।

सिकरीगंज के थानाध्यक्ष आशीष कुमार दुबे के अनुसार, नवजात को सुरक्षित चाइल्ड केयर में रखवाया गया है। बच्ची को झाड़ियों में छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान के संबंध में फिलहाल जानकारी नहीं मिल सकी है।

बच्ची को किसने छोड़ा, जांच का विषय

नवजात को इस स्थिति में छोड़ने के पीछे क्या कारण था और उसके माता-पिता या परिजन कौन हैं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मामले में बच्ची की पहचान, परिजनों का पता लगाने और उसे छोड़ने की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल उपलब्ध प्रकाशित रिपोर्ट में किसी आरोपी की पहचान या गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की गई है।

बाल संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण मामला

नवजात बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना तत्काल राहत का कदम है। आगे उसकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी, बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष नियमानुसार प्रस्तुति, संरक्षण संबंधी आवश्यक निर्णय तथा परिजनों का पता लगाने की कार्रवाई संबंधित अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण होगी।

News Scale Live इस मामले में बच्ची की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति, बाल संरक्षण समिति की कार्रवाई और परिजनों की पहचान से जुड़ी आधिकारिक जानकारी मिलने पर अपडेट प्रस्तुत करेगा।

News Scale Live — भरोसे की पहचान

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