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एसिड अटैक मामले में आरोपी को आजीवन कारावास

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पीड़िता समेत 18 गवाहों की गवाही, कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा — जुर्माने की राशि पीड़िता को मिलेगी, इलाज का खर्च उठाएगी सरकार

चतरा, संवाददाता। चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र के चर्चित एसिड अटैक मामले में न्यायालय ने आरोपी संदीप भारती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश, पॉक्सो, अमरेश कुमार की अदालत ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपी की पेशी कराते हुए यह सजा सुनाई।

आरोपी हंटरगंज थाना क्षेत्र के बेला गांव का रहने वाला है और हजारीबाग सेंट्रल जेल में बंद है।

18 गवाहों की गवाही, 25 सितंबर को ठहराया गया था दोषी

प्रभारी लोक अभियोजक अमित कुमार श्रीवास्तव के अनुसार सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत कुल 18 गवाहों की गवाही दर्ज की गई। साक्ष्यों के अवलोकन के बाद अदालत ने 25 सितंबर को आरोपी को दोषी करार दिया था और सोमवार को सजा सुनाई गई।

अगस्त 2022 में घर में घुसकर किया था तेजाब से हमला

अगस्त 2022 में आरोपी ने पीड़िता के घर में घुसकर सो रही नाबालिग बच्ची और उसकी मां पर तेजाब से हमला किया था। हमले में मां आंशिक रूप से झुलसी थी, जबकि नाबालिग का करीब 80 से 90 प्रतिशत शरीर झुलस गया था। गंभीर हालत में उसे हंटरगंज में प्राथमिक उपचार के बाद मगध मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया और बाद में मुख्यमंत्री के निर्देश पर एयरलिफ्ट कर एम्स भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है।

केस वापस लेने का दबाव बनाने के लिए किया था हमला

प्रभारी लोक अभियोजक ने बताया कि घटना से पहले भी पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत हंटरगंज थाना में मामला दर्ज कराया था। आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद केस वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से आधी रात पीड़िता के घर पहुंचकर एसिड अटैक की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 5 अगस्त 2022 को हंटरगंज थाना में पुनः प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

📜 अदालत ने इन धाराओं में सुनाई सजा

  • आईपीसी धारा 326ए — आजीवन कारावास व 3 लाख रुपये जुर्माना
  • धारा 307 — आजीवन कारावास व 40 हजार रुपये जुर्माना
  • धारा 450 — 10 वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये जुर्माना
  • धारा 506 — 2 वर्ष की सजा व 10 हजार रुपये जुर्माना
  • पॉक्सो एक्ट की संबंधित धारा — 3 वर्ष की सजा व 30 हजार रुपये जुर्माना

जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

पीड़िता को मिलेगी जुर्माने की राशि, सरकार उठाएगी इलाज का खर्च

जुर्माने की राशि पीड़िता को दी जाएगी और न्यायालय के निर्देशानुसार इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। सरकारी योजनाओं का लाभ देने का निर्देश भी दिया गया है। मामले में तत्कालीन सीडब्ल्यूसी और डीएलएस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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