महादेव दांगी का निधन, पार्थिव शरीर विमान से भेजा गया गांव, प्रवासी मजदूरों की पीड़ा फिर आई सामने
चतरा। रोजगार की तलाश में मुंबई गए चतरा जिले के गिद्धौर प्रखंड निवासी 60 वर्षीय महादेव दांगी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की जानकारी मिलने पर कालबादेवी टीम के सदस्य तत्परता से आगे आए और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कराने के बाद पार्थिव शरीर को विमान के माध्यम से गांव भेजने की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मृतक के रिश्ते में दामाद प्रकाश दांगी पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचे। इस दुखद घड़ी में संतोष कुमार (नावाडीह), रामचंद्र दांगी (गिद्धौर), विनोद दांगी (गिद्धौर), मिथलेश दांगी (पत्थलगड़ा), जीतू दांगी (नावाडीह), अजय बाबू (नावाडीह), लक्ष्मण दांगी (चारू), इंद्रजीत दांगी (गिद्धौर), रामप्रवेश दांगी (पीतीज), बालेश्वर दांगी (बुड़ीगढ़ा) और अशोक दांगी (दातपुर) सहित कालबादेवी टीम के कई सदस्यों ने सहयोग किया।
वहीं महादेव दांगी की मौत ने एक बार फिर झारखंड से रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने वाले प्रवासी मजदूरों की परेशानियों को उजागर कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि रोजी-रोटी की तलाश में मजदूर अपने परिवार से दूर दूसरे राज्यों में जाने को मजबूर होते हैं और ऐसी स्थिति में बीमारी, दुर्घटना या मौत जैसी विपरीत परिस्थिति आने पर उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने झारखंड सरकार से मांग की है कि राज्य में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जाएं, ताकि मजदूरों को रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े। साथ ही, मजबूरी में दूसरे राज्यों में काम कर रहे मजदूरों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे संकट के समय उन्हें शीघ्र सहायता उपलब्ध हो सके। महादेव दांगी के मामले में कालबादेवी टीम और स्थानीय लोगों द्वारा किए गए सहयोग ने मानवीय संवेदना की एक मिसाल पेश की है।





















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