गुणवत्ता की बलि चढ़ा ‘विद्या का पथ’, दो साल में ही उखड़ी लाखों की सड़क
लोहरदगा। नगर परिषद की उदासीनता और निर्माण में बरती गई कथित अनियमितता के कारण एनएच 143ए (लोहरदगा-गुमला मुख्यपथ) से सरस्वती विद्या मंदिर जाने वाली सड़क बदहाली के आंसू बहा रही है। लाखों रुपये की लागत से महज दो वर्ष पूर्व बनी यह सड़क पहली ही बरसात में ध्वस्त हो गई, जिससे रोजाना आवाजाही करने वाले सैकड़ों स्कूली बच्चों व स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक द्वारा निर्माण कार्य में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी की गई। सड़क निर्माण में बालू के स्थान पर सीमेंट में डस्ट मिलाकर लीपापोती कर दी गई, जिसके कारण सड़क पहली ही बारिश में उखड़ गई। वर्तमान में स्थिति यह है कि हल्की बारिश होते ही सड़क जलमग्न हो जाती है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाती है। गर्मी के दिनों में धूल के गुबार से छात्र परेशान रहते हैं, वहीं बरसात में कीचड़ के बीच आवाजाही करने को मजबूर हैं। उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर एवं सरस्वती विद्या मंदिर जैसे दो प्रमुख शिक्षण संस्थान स्थित हैं।
गौरतलब है कि नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने पूर्व में एक विद्यालयी कार्यक्रम के दौरान सड़क की खस्ताहाल पर चिंता जताते हुए जल्द पुनर्निर्माण कराने तथा दोषी संवेदक को काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में डालने का आश्वासन दिया था। हालांकि, लंबा समय बीत जाने के बाद भी नगर परिषद प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रशासनिक उपेक्षा के कारण अब भी सैकड़ों विद्यार्थी और आम नागरिक जर्जर सड़क पर सफर करने को विवश हैं।





















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