जेठ की प्रताड़ना से तंग आकर शरण लेती थी आरोपी की पत्नी, खुन्नस और संतानहीन होने के चलते अंधविश्वास में बना हैवान; कुल्हाड़ी के साथ आरोपी गिरफ्तार
पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र अंतर्गत बड़ा तोरलो गांव से शनिवार की दोपहर अंधविश्वास और पारिवारिक रंजिश की एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ अंधविश्वास के दलदल में धंसे एक सनकी सगे बड़े भाई ने डायन-बिसाही के झूठे शक और आपसी विवाद में अपने ही सगे छोटे भाई दोकोल सिंह बिरूवा की गर्भवती पत्नी और उसकी महज 8 वर्ष की मासूम बेटी की कुल्हाड़ी से काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस निर्मम दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे चाईबासा इलाके में सनसनी फैल गई है और बड़ा तोरलो गांव में मातम पसरा हुआ है।
स्कूल से लौटकर खाना खा रही थी मासूम, मां बचाने दौड़ी तो उसे भी उतारा मौत के घाट
प्राप्त हृदयविदारक जानकारी के अनुसार, पीड़ित पति दोकोल सिंह बिरूवा ने रोते हुए बताया कि उसका बड़ा भाई रमाये बिरूवा अक्सर अत्यधिक नशे में धुत रहता था और उन लोगों से अलग रहता था। शनिवार को भी वह शराब के नशे में अंधा होकर उनके घर में जबरन घुस आया। उस वक्त आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली उनकी मंझली बेटी शर्मिला बिरूवा स्कूल से लौटकर घर के बाहर बैठकर खाना खा रही थी।
उसी वक्त सनकी रमाये ने अचानक अपनी कुल्हाड़ी निकाली और मासूम बच्ची की कनपटी पर सीधे जोरदार हमला कर दिया। बेटी की दर्दनाक चीख सुनकर जब उसकी गर्भवती मां ननिका बिरूवा अपनी बच्ची की जान बचाने के लिए बदहवास होकर दौड़ी, तो नरपिशाच बन चुके जेठ रमाये ने उस पर भी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए। आरोपी ने महिला के सिर और गर्दन पर इतनी बेरहमी से प्रहार किया कि दोनों मां-बेटी ने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया।
छोटे बच्चों ने छिपकर बचाई जान; बैल चराकर लौटा पति तो बिछी थीं लाशें
हॉस्टल और घर के पास हुए इस खौफनाक मंजर को देखकर घर के अन्य छोटे बच्चों ने इधर-उधर भागकर और कोनों में छिपकर बमुश्किल अपनी जान बचाई। घटना के वक्त पीड़ित पति दोकोल सिंह पास के जंगल में बैल चराने गया हुआ था। दोपहर बाद जब वह घर वापस लौटा, तो आँगन का नजारा देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई; उसकी गर्भवती पत्नी और मासूम बेटी खून से लथपथ मृत पड़ी थीं। इस हादसे के बाद पीड़ित पति और उसके तीन छोटे बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
संतानहीन होने की हीनभावना और डायन का अंधविश्वास बना हत्या की वजह
स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों के अनुसार, आरोपी रमाये बिरूवा की शादी को करीब पांच साल बीत जाने के बाद भी वह संतानहीन है। इसी बात को लेकर वह अक्सर हीनभावना, मानसिक अवसाद और डायन-बिसाही जैसे अमानवीय अंधविश्वास का शिकार रहता था। वह आए दिन अपनी पत्नी के साथ भी मारपीट करता था, जिससे तंग आकर उसकी पत्नी अपनी जान बचाने के लिए भागकर छोटे भाई दोकोल के परिवार के पास शरण लेती थी।
छोटे भाई का परिवार उसकी पत्नी को आश्रय देता था, इसी वजह से आरोपी हमेशा अपने भाई से अंदरूनी खुन्नस रखता था। शनिवार को इसी खुन्नस और डायन के झूठे अंधविश्वास के कारण उसने इस घोर अपराध को अंजाम दे डाला।
बड़ा तोरलो दोहरा हत्याकांड: एक नजर में
┌───────────────────────────────┬────────────────────────────────┐
│ मुख्य घटनास्थल │ ग्राम: बड़ा तोरलो, थाना: मंझारी (पश्चिमी सिंहभूम)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ मुख्य मृतक │ 1. ननिका बिरूवा (गर्भवती महिला) │
│ │ 2. शर्मिला बिरूवा (8 वर्षीय मासूम पुत्री)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ मुख्य आरोपी │ रमाये बिरूवा (सगा जेठ/बड़ा भाई - गिरफ्तार)│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ हत्या का कारण │ डायन-बिसाही का अंधविश्वास व संतानहीनता की खुन्नस│
├───────────────────────────────┼────────────────────────────────┤
│ कमान एवं कार्रवाई │ थाना प्रभारी दिलीप सहाय मांझी द्वारा त्वरित एक्शन│
└───────────────────────────────┴────────────────────────────────┘
जंगल भाग गया था हत्यारा, भोर में पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई कुल्हाड़ी लहराते हुए पास के घने जंगल की तरफ फरार हो गया था। घटना की सूचना मिलते ही मंझारी थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लिया। रविवार सुबह करीब तीन बजे जैसे ही आरोपी जघन्य शिकारी की तरह वापस अपने घर लौटा, वहां पहले से ही सादे लिबास में घात लगाकर बैठी मंझारी थाना पुलिस की विशेष टीम ने उसे चारों तरफ से घेराबंदी कर धर दबोचा।
मामले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए मंझारी थाना प्रभारी दिलीप सहाय मांझी ने कहा कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों शवों का सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। शुरुआती जांच और साक्ष्यों के अनुसार मामला पूरी तरह से डायन-बिसाही के अंधविश्वास और गंभीर पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सनी कुल्हाड़ी को जब्त कर लिया है और आरोपी रमाये बिरूवा को सुसंगत संगीन धाराओं के तहत जेल भेजा जा रहा है।

























Total Users : 1043769
Total views : 2832399