भूमि विवाद, राशन कार्ड, आवास और पेंशन से जुड़े आवेदनों पर उपायुक्त का कड़ा एक्शन। बोले— “समय सीमा के भीतर निपटाएं फाइलें, आम जनता को दफ्तरों के चक्कर कटवाए तो खैर नहीं”; प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को 11:30 बजे सजती है अदालत।
चतरा | न्यूज स्केल लाइव
चतरा जिले के दूर-दराज और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाली बेबस व जरूरतमंद जनता को ऑन-स्पॉट विधिक न्याय दिलाने तथा भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन स्थापित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) स्थित कड़क कार्यालय कक्ष में आयोजित विशेष ‘जनता दरबार’ कार्यक्रम के दौरान जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त रवि आनंद ने जिले के विभिन्न कोनों से पहुंचे सैकड़ों फरियादियों की तीखी व मूलभूत समस्याएं सीधे जमीन पर बैठकर सुनीं।
इस दौरान आमजनों ने भूमि विवाद, चरमराई स्वास्थ्य सुविधा, प्रधानमंत्री आवास योजना में लेटलतीफी, नया राशन कार्ड, शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों की लचर व्यवस्था एवं सरकारी तालाबों के जीर्णोद्धार से संबंधित कई संगीन और विधिक मामलों को उपायुक्त के समक्ष सीधे रखा। जनता दरबार के दौरान उपायुक्त ने एक-एक विधिक आवेदन का बेहद गंभीरतापूर्वक अवलोकन करते हुए मौके से ही संबंधित विभागीय पदाधिकारियों (लाइन डिपार्टमेंट्स) को त्वरित जांच और कड़क कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
ऊंटा मोड़ के दिव्यांग विकास सिंह की पीड़ा देख भावुक हुए डीसी; खुद चलकर पहुंचे पास
इस जनता दरबार की सबसे मानवीय, कड़क और सराहनीय बानगी तब देखने को मिली, जब ऊंटा मोड़ (देवरिया) निवासी एक लाचार दिव्यांग व्यक्ति विकास कुमार सिंह बैसाखियों के सहारे अपनी गंभीर समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्हें काउंटर पर परेशान देख उपायुक्त रवि आनंद स्वयं अपनी कुर्सी से उठकर उनके पास पहुंच गए और जमीन पर खड़े होकर उनकी समस्याओं से अवगत हुए।
दिव्यांग विकास कुमार सिंह ने अत्यंत विदारक लहजे में उपायुक्त को अपनी व्यथा बताते हुए कहा:
“साहब! सरकारी कागजों में दिव्यांग पेंशन योजना में मेरा नाम विधिक रूप से दर्ज होने के बावजूद, पिछले कई महीनों से विभाग द्वारा आवंटन (फंड) उपलब्ध नहीं रहने का बहाना बनाया जा रहा है, जिसके कारण मुझे पेंशन की एक भी राशि प्राप्त नहीं हो पा रही है. इसके साथ ही मेरी मासूम बच्ची भी अत्यंत अस्वस्थ (बीमार) है, जिसकी दवा और इलाज में भारी आर्थिक तंगी व कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.”
बच्ची के इलाज के लिए ऑन-स्पॉट आर्थिक मदद; सीएम हेमंत सोरेन को दिया धन्यवाद
दिव्यांग पिता की इस मर्मस्पर्शी और विधिक शिकायत को सुनते ही उपायुक्त रवि आनंद ने तत्काल कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने मौके पर ही सामाजिक सुरक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए विकास सिंह की रुकी हुई पेंशन राशि का विधिक तकनीकी समाधान करने का हुक्म दिया।
इसके साथ ही, डीसी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए जिला प्रशासन के आकस्मिक कोष से तत्काल वित्तीय सहयोग और नकद राशि उपलब्ध कराते हुए बीमार बच्ची के इलाज के लिए त्वरित सहायता की बड़ी विधिक पहल की। जिला प्रशासन की इस कड़क और संवेदनशील तत्परता को देखकर दिव्यांग विकास कुमार सिंह की आंखें सजल हो गईं। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में जिला प्रशासन के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए राज्य के माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जन-सरोकारी विजन के प्रति भी हाथ जोड़कर धन्यवाद ज्ञापित किया।
अफसरों को डीसी की कड़क हिदायत— फाइलों की समयबद्ध मॉनिटरिंग करें, लेटलतीफी नहीं होगी बर्दाश्त
जनता दरबार के समापन पर उपायुक्त रवि आनंद ने कलेक्ट्रेट के सभी स्थापना, राजस्व, भू-अर्जन और आपूर्ति शाखा के अधिकारियों को बेहद सख्त और कड़क लहजे में निर्देशित किया:
नो लेटलतीफी: जनता दरबार में प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का एक निश्चित समय सीमा (Time Frame) के भीतर विधिक निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
रेगुलर मॉनिटरिंग: फाइलों को दबाकर रखने वाले बाबुओं और क्लर्कों पर लगाम लगाने के लिए बीडीओ और सीओ स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
चक्कर काटना बंद हो: दूर-दराज के गांवों से भाड़ा लगाकर आने वाले गरीब आदिवासियों और ग्रामीणों को अनावश्यक रूप से सरकारी कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उपायुक्त ने दोटूक कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना चतरा जिला प्रशासन की सर्वोच्च विधिक प्राथमिकता है तथा अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना हर हाल में सुनिश्चित किया जा रहा है।
नोट कर लें समय: हर मंगलवार और शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में सजती है जनता की अदालत
चतरा जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सहूलियत के लिए एक आधिकारिक सूचना जारी की गई है। जिले का कोई भी पीड़ित या जरूरतमंद नागरिक अपनी समस्याओं एवं विभागीय भ्रष्टाचार की शिकायतें सीधे जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
दिन: प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित रूप से।
समय: पूर्वाह्न 11ः30 बजे से अपराह्न 12ः30 बजे तक।
स्थान: समाहरणालय (कलेक्ट्रेट) परिसर, चतरा।




















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