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एनएचआई और भू-अर्जन विभाग द्वारा न्याय नहीं मिलने पर गरीब परिवार अपने भूमि के मुआवजा को लेकर हाईकोर्ट में लड़ाई लड़ने को मजबूर

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न्यूज स्केल ब्यूरो
गुमला। गुमला-रांची एनएचआई मार्ग के ग्राम लांजी में भू-अर्जन विभाग द्वारा अपनी मनमानी और गलत तरीके से रैयत अनिता देवी पति गजेंद्र साहू की भूमि जिसका खाता नंबर 68 प्लाट नंबर 82 अंचल गुमला जिला गुमला निवासी अनिता देवी लांजी जिसके आवास के बाहर एन एच आई द्वारा कुछ जमीन पर सड़क निर्माण कंपनी आर के डी कंट्रकशन द्वारा अवैध तरीके से सड़क जहां बना दिया गया है वहीं दूसरी तरफ रैयत अनिता देवी ने भू अर्जन विभाग द्वारा 21 लाख 22 हजार 806 रूपया की मुआवजा दिया गया भू अर्जन पदाधिकारी गुमला के हस्ताक्षर देखकर जब रैयत अनिता देवी भूमि सुधार भू अर्जन पदाधिकारी के कार्यालय में पहुंचे तो कहा गया कि आपका मुआवजा मात्र 6 लाख रूपए स्वीकृत किए गए हैं ले लिजिए इसके विरुद्ध धोखाधड़ी को लेकर जब रैयत ने गुमला डीसी, डीसीएलआर,एसी और एन एच आई से न्याय की गुहार लगाई पर कोई कोई सुनवाई नहीं होती देखकर रैयत अनिता देवी ने हाई कोर्ट झारखण्ड में अपने साथ हो रहे अन्याय को लेकर सारे साक्ष्यों के साथ रिट याचिका दायर कर जिसका नंबर डब्ल्यू पी (सी) नंबर 5699 /2022 में अपनी भूमि की मुआवजा राशि को लेकर लंबी लडाई जारी रखे हुए हैं।

यहां बताते चलें कि अनेकों बार रैयत अनिता देवी और उनके परिवार उनकी भूमि और मकान से बेदखल करने की कोशिश की गई है लेकिन मामला माननीय उच्च न्यायालय में होने से गरीब परिवार अपनी भूमि और मकान को बचा पाने में आगे हैं इस संबंध में गरीब परिवार के छोटे-छोटे बच्चे जो स्कूल में पढ़ने जाते हैं उनका भी कहना है कि हमारी जमीन का पैसा नहीं मिलने से हम अच्छे स्कूल में पढ़ने नहीं जा पा रहे हैं हमारे माता-पिता एवं दादा-दादी का सारा कमाई का पैसा न्यायालय में आने-जाने में खर्च हो जाता है हमारे जमीन की जब-तक उच्च न्यायालय से फैसला नहीं आता है और जमीन का मुआवजा नहीं दिया जाता है हमारे भयादोहन करना प्रशासन बंद करें।

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