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आजादी के 75 वर्ष बाद भी न हीं बना सड़क, न ही गांव में पीने के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, गांव में बिजली की तार खींची गई पर लाइन चालू नहीं

On: April 13, 2024 11:31 PM
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न्यूज स्केल संवाददाता, अभिषेक यादव
कुंदा(चतरा)। आजादी के 75 वर्ष बाद भी चतरा जिले के कुंदा प्रखंड मुख्यालय से महज 3 किमी दुरी पर अवस्थित कमाल गांव में निवास करने वाले लगभग 300 से अधिक वोटर और लगभग 400 की आवादी बुनियादी सुविधाओं से महरुम है। गांव में बिजली के खंभा तो है लेकिन बिजली की आपूर्ति नही, चापानल में पानी नहीं, आवागमन के लिए सड़क नहीं, फसल सिंचाई के लिए सुविधाएं नहीं। मूलभूत सुविधा के नाम पर मात्र एक कुआं है, वो भी गर्मी शुरुआत होते ही सुख जाता है। ग्रामीणों के अनुसर लगभग 4 साल पूर्व बिजली के खंभे गाड़े गए और खंभों में बिजली तार लगाए गए, लेकिन बिजली कनेक्शन घरों से नही जुड़ा और न ही गांव में बिजली की सप्लाई होती है। सरकार हर घर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए हार घर नल योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचाने का दावा करती है। लेकिन दूसरी ओर अभी भी कमाल गांव के ग्रामीण आज भी लंबी दूरी तय कर पानी लाने को विवश है। एक बाल्टी पानी भरने के लिए एक घंटे का समय लगता है। ऐसा गांव से दुर लगभग आधे किलोमीटर की दूरी पर एक चापानल का होना है, जहां कमाल के ग्रामीण पीने के लिए पानी लेने जाते हैं। लगभग 40 घरों पर एक चापानल है। पास में एक कुआं तो है लेकिन उसका पानी पीने लायक नही। गर्मी शुरू होते ही कुआं भी सुख जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हमलोग कृषि से भी वंचित रह जाते है। क्योंकि पीने के लिए पानी नहीं मिलता तो फसल की सिंचाई कैसे संभव है। फसल के लिए बारिश का इंतजार करना पड़ता है। आप समझ सकते है कि यहां के ग्रामीण कैसे गुजारा करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि एक दिन भी इस गांव में कोई नेता या उनका कोई आदमी देखने तक के लिए नही आया है। आखिर आए भी तो कैसे, क्योंकि गांव तक पहुंचने के लिए कोई सड़क ही नही है। गांव तक चारपहिया तो दूर दो पहिया वाहन तक नही पहुंच सकता है। यदि कोई बीमार हो जाता है तो मुख्य सड़क तक पहुंचाने के लिए चारपाई का उपयोग करना पड़ता है। फिर एंबुलेंस या कोई निजी वाहन का प्रयोग कर अस्पताल तक पहुंचाया जाता है। कमाल गांव के ग्रामीणों ने आगामी चुनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर एकजुता दिखाते हुए कहा कि इस गांव में केवल अनुसूचित जाति के लोग ही निवास करते हैं। ऐसे में जिस तरह हमारे गांव को विकास के पन्नो से अलग रखा गया है। हमलोग भी इसबार के चुनाव में मतदान पर विचार करेंगे। ताजुब की बात यह है कि एससी प्रमुख गांव होते हुए इसे विकास के पन्नो से दूर रखा गया है। भाजपा सरकार बड़े बड़े वादे और सबका साथ सबका विकास के सलोगन गाते थकती नही है। उन्ही की सरकार अभी केंद्र में 10 वर्षाे से है। ग्रामीणों ने प्रखंड व जिला प्रशासन से समस्याओं पर ध्यान आकृष्ट कराते हुए समाधान करने की गुहार लगाई है।

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