झारखण्ड/गुमला- चैनपुर में श्रद्धालुओं ने अर्घ्य देने के साथ ही छठ मइया से परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की। गांव। के सफी नदी घाट के साथ ही अन्य घाटों पर श्रद्धालु ढोल नंगाडों और आतिशबाजी करते हुए पहुंचे। घाटो में रंगीन लाईट जगमगा रहे थे छठ पूजा के गाने बज रहे थे घाट के दोनों ओर केला के पेड़ लगाए गए है यहां बताते चलें कि चैनपुर में कुछ सालों पहले तक छठ पर्व लोग बहुत कम संख्या में मनाते थे। धीरे-धीरे गांव के लोगों की संख्या बढ़ने लगी। इसके बाद ये पर्व स्वयं में अलग छठा बिखेरने लगा। वर्तमान में इस पर्व को मनाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या है। इसको देखते ग्रामीण हर साल इस पर्व के लिए घाटों की सफाई कर श्रद्धालुओं को सुविधाएं मुहैया करवाता है। छठ पर्व सुक्रवार को नहाय खाय के साथ शुरू हो गया था। इसके बाद दूसरे दिन खरना की रस्म पूरी करने के बाद महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा। तीसरे दिन यानी रविवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने की रश्म किया गया । इसको लेकर श्रद्धालुओं में सुबह से ही उत्साह दिखाई दे रहा था। व्रती महिलाएं जहां दिनभर छठ मइया की आराधना करती रहीं।
*_चैनपुर छठ महापर्व के तीसरे दिन व्रतियों ने शाम के समय चैनपुर सफी नदी के घाटों पर पहुंचकर अस्त होते सूर्य को नमन कर पहला अर्घ्य दिया।
By Ajay Sharma
On: November 19, 2023 7:24 PM
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