मंदिर न्यास समिति ने सबसे पहले दी संधि बलि, फिर साधना चबूतरा पर श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना; इटखोरी टाल की 250 साल पुरानी दुर्गा पूजा में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़; जिला परिषद उपाध्यक्ष समेत सैकड़ों श्रद्धालु रहे मौजूद
चतरा (झारखंड), 19 अक्टूबर 2026: चतरा जिले के इटखोरी स्थित ऐतिहासिक मां भद्रकाली मंदिर में सोमवार सुबह 7:53 बजकर 1 सेकंड पर महा अष्टमी के उपरांत एवं नवमी तिथि के आगमन होते ही पूरे विधि-विधान के साथ फल एवं गन्ने की संधि बलि दी गई।

सबसे पहले मंदिर न्यास समिति ने दी संधि बलि
मंदिर परंपरा के अनुसार, सबसे पहले मंदिर न्यास समिति की ओर से संधि बलि दी गई। तत्पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर स्थित साधना चबूतरा पर संधि बलि दी और विधिवत पूजन एवं महा आरती की गई। संधि बलि के मौके पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और सभी को प्रसाद के साथ मां भद्रकाली की पूजा-अर्चना करने का अवसर प्राप्त हुआ।
मान्यता और आस्था
मान्यता है कि जो भक्त यहां शारदीय नवरात्र के मौके पर कलश स्थापित कर दुर्गा सप्तशती का पाठ एवं पूजन करते हैं, उनके जीवन में मां सुख, शांति और समृद्धि लाती हैं। संधि बलि के दौरान पूरे मंदिर परिसर में भक्ति का माहौल रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इटखोरी टाल और आसपास के पंडालों में भी उमड़ी भीड़
इधर, इटखोरी टाल, इटखोरी चौक, परोका, करनी और परसौनी में भी श्रद्धालुओं ने पंडालों में जाकर संधि बलि एवं पूजा-अर्चना कर सुख-शांति की कामना की। पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही थी। उल्लेखनीय है कि इटखोरी टाल की दुर्गा पूजा 250 साल पुरानी है, जिसकी शुरुआत राजा हरि नारायण सिंह द्वारा की गई थी।
संधि बलि के दौरान मंदिर न्यास समिति के कार्यकारिणी अध्यक्ष अमित कुमार सिंह, मंदिर के सभी सदस्य, जिला परिषद उपाध्यक्ष बिरजू तिवारी, टुनी सिंह, साधक सीताराम सिंह, विजय चौरसिया, नागेश्वर यादव समेत सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।



















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